सीमा सन्देश # श्रीगंगानगर। जिले को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य केंद्र मिशन हरियालो राजस्थान रहा, जिसके तहत जिले में आगामी मानसून सत्र के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उपवन संरक्षक राकेश दुलार ने बताया कि जिले की 21 सरकारी नर्सरियों में रिकॉर्ड 14 लाख पौधे पूरी तरह तैयार किए जा रहे हैं। सभी सरकारी विभाग अपनी आवश्यकता के अनुसार नजदीकी नर्सरी पर मांग (डिमांड) भेज सकते हैं। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि पौधों के वितरण के साथ-साथ उनकी जियो-टैगिंग अनिवार्य होगी, ताकि हर पौधे की उत्तरजीविता सुनिश्चित की जा सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में अदिति यादव, हरीश मित्तल, ऋषभ जैन, धीरज चावला, डॉ. अजय सिंगला, महावीर प्रसाद, दीपक कुक्कड़ सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। वितरण के साथ जियो-टैगिंग जरूरी, ताकि हो सके पौधों की प्रगति रियल-टाइम मॉनिटरिंग। जिला कलेक्टर ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल पौधारोपण करना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागों को निर्देशित किया कि मानसून से पहले फेंसिंग, गड्ढे खोदने और अन्य आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर लें। वहीं आईटी टीम को निर्देश दिए गए कि वे सभी विभागों को ऑनलाइन पोर्टल और रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण दें ताकि पौधों की प्रगति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सके। पर्यावरण समिति की बैठक में पौधारोपण के साथ प्रदूषण नियंत्रण पर भी जोर दिया गया। इसके तहत सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में विशेष अभियान चलाने, सरकारी विभागों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं को भी इस मुहिम से जोड़ने और आरा मशीनों के नियमों व वन अपराध से जुड़े प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को पाबंद किया गया है।
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