जयपुर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ सरकार घाटे में है, वहीं दूसरी ओर बड़े-बड़े कार्यक्रमों पर अनावश्यक खर्च किया जा रहा है। उन्होंने इसे ‘फिजूल खर्ची का इतिहास’ करार दिया। गहलोत ने आरोप लगाया कि महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को चार महीने से पेंशन नहीं मिली। दवा दुकानदारों और निजी अस्पतालों का भुगतान रुका है, जिससे इलाज प्रभावित हो रहा है। क्योंकि उनके भी 1000 करोड़ का पेमेंट नहीं हो पाया है और प्राइवेट अस्पतालों ने भी पूरी तरह से इलाज करना बंद कर दिया है। हेल्थ के मामले में हमने राजस्थान को एक मॉडल स्टेट बनाया था। पूरे भारत में ऐसा मॉडल कहीं नहीं था और सब लोग उसकी तारीफ कर रहे थे। भजनलाल शर्मा चाहते तो उस मॉडल को मजबूत करते तो उन्हीं की वाहवाही होती, लेकिन उन्होंने इसे कमजोर कर दिया है। गहलोत अपने निवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े प्रोग्राम करके तमाशा कर रही है। कलक्टर के जरिए लोगों को बुलाकर सरकार अपने स्तर पर पैसा खर्च कर रही है। उन्होंने रिफाइनरी को लेकर कहा कि भाजपा नेताओं ने वसुंधरा राजे को गुमराह किया। गहलोत ने कहा कि साल 2014 से लेकर 2018 तक रिफाइनरी का काम बंद रखा गया था। इसके बाद प्रधानमंत्री को बुलाकर उनका कार्यक्रम रखा गया, जबकि सोनिया गांधी और वीरप्पा मोइली पहले ही इसका उद्घाटन कर चुके थे, जो प्रोजेक्ट हमारे समय में 35000 करोड़ का था वो अब 80000 करोड़ का हो गया है। पैसा तो पब्लिक का ही है। अब जो रिफाइनरी में सेट बैक लगा है उसमें किसका दोष है? जिन्हें रिफाइनरी की एबीसीडी तक नहीं आती है वो लोग आज हम पर भाषण दे रहे हैं। रिफाइनरी प्रोजेक्ट पर घेरा हमारे देश की विदेश नीति पिछड़ गई है पूर्व मुख्यमंत्री ने भारत के विदेश मंत्री के बयान को लेकर कहा कि हमारे देश की विदेश नीति पिछड़ गई है। जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देता है, हमारे देश में आतंकियों को भेजता है, जिसको दुनिया के कई मुल्कों ने आतंकवादी देश स्वीकार किया है, आज वो देश अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद हमने कई प्रतिनिधिमंडल दूसरे देशों में भेजे थे कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है, लेकिन उसका कोई असर नहीं पड़ा। कोई देश हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ।
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