सीमा सन्देश# श्रीगंगानगर। नगर विकास न्यास और जिला प्रशासन की कचरा निस्तारण को लेकर “बिना तैयारी” वाली कार्यप्रणाली अब खुद उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। ठोस योजना और दूरदर्शिता के अभाव में लिए जा रहे फैसलों के कारण एक बार फिर शहर में कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। यूआईटी द्वारा 6 अप्रैल को एक एफ में 4 बीघा भूमि पर सॉलिड वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन और प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए एनओसी जारी करने के विरोध शुरू हो गए हैं। इसी विरोध स्वरूप गुरुवार को दूसरे दिन भी चक चार एमएल, टेलेवाला, सद्भावना नगर, महादेव एन्कलेव, किंग्स एवेन्यू, 3 ए छोटी सहित आसपास की कॉलोनियों और गांव के बाशिन्दों ने यहां बने एसटीपी के सामने शुरू किए गए अनिश्चितकालीन धरने पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। ग्रामीणों और आसपास की कॉलोनियों के बाशिन्दों के अलावा भाजपा नेता अशोक चांडक, संजय मूंदड़ा, महेन्द्र बागड़ी, सुभाष खटीक, सुभाष मोयल, नोरंग वर्मा, राजीव जाखड़, राजेश ताखेड़ छिंपा, बंटी वाल्मीकि, रामफल सहित बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने कहा कि टेलेवाला के पास आधा दर्जन से अधिक विकसित कॉलोनियां हैं। प्रशासन आज तक चक छह जैड से कचरा नहीं हटा पाया, जब वहां सालों से कचरा डल रहा है तो इस क्षेत्र को ‘कचरा डिपो’ क्यों बनाया जा रहा है। भाजपा नेता अशोक चांडक और संजय मूंदड़ा ने कहा कि यूआईटी ने अब नई जगह कचरा डालने के लिए एनओसी जारी की है, यहां कचरा नहीं डालने दिया जाएगा। अगर कचरा डाला गया तो विरोध किया जाएगा और न्यायालय का सहारा लिया जाएगा। जहां एनओसी दी गई है वहां धार्मिक संस्थान के अलावा स्कूल भी हैं। प्रशासन के पास 6 जैड में 12 बीघा जमीन है, वहां जब सालों से कचरा डल रहा है तो अब वहां क्यों नहीं डाला जा रहा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के विरोध के कारण प्रशासन दबाव में है। चांडक ने प्रशासन के समक्ष कचरा प्लांट के लिए 15 बीघा जमीन निशुल्क देने का भी प्रस्ताव दिया। प्रशासन की अदूरदर्शिता यह है कि नेतेवाला और 6 जैड के बाद अब एक एफ में भी विरोध शुरू हो गया है और कचरा डालने की जगह कहीं नहीं मिल रही। यूआईटी द्वारा महादेव एन्कलेव के पीछे बने एसटीपी के पास 4 बीघा में कचरा डालने के लिए एनओसी देने का मामला मीडिया में आने के बाद ही एसटीपी के बाहर लोगों ने धरना लगा दिया। इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को मिलने के बाद समाधान निकालने के लिए गुरुवार को धरने पर बैठे लोगों को वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन धरने में शामिल ग्रामीण राजेन्द्र गोयल ने बताया कि ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आकर उनकी बात सुनें, परन्तु गुरुवार को कोई नहीं आया और जिला कलक्टर भी शहर से बाहर थे। ऐसे में शुक्रवार को दोपहर 3.30 बजे गंगा सिंह चौक पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा, इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता होगी। सूत्रों के अनुसार गुरुवार को प्रशासनिक अमले ने सख्ती अपनाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत 6 जैड डंपिंग प्वाइंट के पास धरना लगाकर बैठे ग्रामीणों को पूर्व की भांति पुलिस बल की सहायता से हटाया जाएगा। चक छह जैड में कचरा डालने और नेतेवाला में प्रस्तावित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के विरोध का स्थाई समाधान निकालने में विफल प्रशासनिक अमला अब समाधान की जगह “शॉर्टकट” अपना रहा है। इसके तहत पिछले कई दिनों से निर्माणाधीन मिनी सचिवालय के सामने खाली पड़ी शुगर मिल की जगह पर कचरा डम्प करवाया जा रहा है, लेकिन इसके कारण होने वाली परेशानी को देखते हुए गुरुवार को मास्टर कॉलोनी सहित आसपास के बाशिन्दों ने काम रुकवा दिया। मोहल्लावासियों ने कहा कि समाधान के नाम पर उनके घरों के पास बीमारियां नहीं परोसी जाएंगी।
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