सीमा सन्देश # श्रीगंगानगर। ‘कानूनी साक्षरता पहल 2026’ के तहत मंगलवार को जिले के 17 सरकारी व निजी स्कूलों में साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। मुख्य शिविर नोजगे पब्लिक स्कूल और डी.ए.वी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल में संपन्न हुए। जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री रविंद्र कुमार ने नोजगे स्कूल में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सतर्क किया कि सोशल मीडिया हमेशा सुरक्षित नहीं होता। उन्होंने कहा कि अपनी निजी फोटो, स्कूल की लोकेशन और घर का पता ऑनलाइन साझा करना जोखिम भरा है। अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और संदेहास्पद लिंक पर क्लिक न करें, इससे फोन हैक हो सकता है। ओटीपी और पासवर्ड किसी को भी न बताएं।
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (सचिव) रवि प्रकाश सुथार ने डी.ए.वी. स्कूल में ‘साइबर दुर्व्यवहार’ पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी को ऑनलाइन अपमानित करना या डराना अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने गेमिंग के दौरान वॉयस चैट के जरिए बच्चों को फंसाने की कोशिश करने वाले अपराधियों से सावधान रहने की सलाह दी। यदि कोई परेशान करे तो डरे नहीं, तुरंत स्क्रीनशॉट लेकर माता-पिता या शिक्षकों को बताएं। साइबर अपराध होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों में 17 न्यायिक अधिकारियों ने छात्रों को उनके कानूनी अधिकारों और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रमों का संचालन लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अमन चलाना द्वारा किया गया।

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