श्रीगंगानगर के रेल यात्रियों के लिए अब दिल्ली-पंजाब ही नहीं बल्कि तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और तेलंगाना जैसे दूरदराज के राज्यों से सीधी रेल कनेक्टिविटी है। जल्द ही श्रीगंगानगर के देश का कोना-कोना करीब होने वाला है बल्कि स्थानीय प्लेटफॉर्म से ‘वंदे भारत’ जैसी हाई-स्पीड ट्रेनें सरपट दौड़ती नजर आएंगी। वर्तमान में वंदे भारत जैसी हाई स्पीड गाड़ियों और लंबी दूरी की ट्रेनें शुरू करने में बुनियादी ढांचे की कमी के कारण आने वाली तकनीकी दिक्कतें को अब जड़ से खत्म किया जा रहा है। इसके लिए रेल मंत्रालय ने श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प और नई सेवाओं के लिए 174.26 करोड़ रुपए बजट का भी जारी कर दिया है। वर्तमान में श्रीगंगानगर मुख्यालय पर 6 ट्रैक से सप्ताह में 60 से अधिक गाड़ियां आती-जाती हैं। नई पिट लाइन और वाशिंग लाइन बनने के बाद ट्रेनों की संख्या दोगुनी की जा सकती है। खासकर दक्षिण भारत की लंबी दूरी की गाड़ियों की संख्या और बढ़ाई जा सकेगी। रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत करीब 175 करोड़ से शुरू होने वाले प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन पर केवल पटरियां ही नहीं बिछेंगी, बल्कि ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट, इलेक्ट्रिक ओवरहेड ट्रैवलिंग (ईओटी) क्रेन, सिंक्रोनाइज्ड जैक और व्हील लेथ लाइन जैसी मशीनें लगाई जाएंगी। इससे कोच रेक के रखरखाव की क्षमता बढ़ जाएगी। ■ इलेक्ट्रिफिकेशन: बठिंडा–श्रीगंगानगर ट्रैक पर मई महीने से इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ने लगेंगे। करीब 162 किलोमीटर का पूरा इलाका इलेक्ट्रिफाई होते ही यात्रा का समय 15 से 20 प्रतिशत तक कम हो जाएगा।
■ आधुनिक शेड: 120 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा एक अत्याधुनिक सीक लाइन शेड (बीमार कोचों की मरम्मत के लिए) बनाया जाएगा।
■ हाई-टेक मशीनरी: वाशिंग लाइन पर ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट, इलेक्ट्रिक ओवरहेड ट्रैवलिंग (EOT) क्रेन और सिंक्रोनाइज्ड जैक जैसी मशीनें लगेंगी। वर्तमान में लंबी दूरी की प्रमुख गाड़ियां तमिलनाडु व केरल: दक्षिण भारत के इन दोनों राज्यों के लिए श्रीगंगानगर से कोचूवेली, तिरुचिराप्पल्ली और तिरुवनंतपुरम तक सीधी रेल सेवा है। महाराष्ट्र: आर्थिक राजधानी मुंबई सहित महाराष्ट्र के बांद्रा टर्मिनस, नांदेड़ के लिए सीधी रेल सेवा है। तेलंगाना (हैदराबाद): दक्षिण मध्य भारत के इस प्रमुख राज्य के काचीगुड़ा तक सीधी रेल सेवा है। मध्य प्रदेश: देश के हृदय स्थल मध्य प्रदेश के लिए लक्ष्मीबाई नगर के बीच साप्ताहिक रेल सेवा उपलब्ध है। इनके अलावा बड़ी संख्या में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और प्रदेश के अन्य राज्यों के लिए गाड़ियां संचालित हो रही हैं।
20 करोड़ से मिला हैरीटेज लुक: जिला मुख्यालय पर 20 करोड़ रुपए की लागत से रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हुआ है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन को हैरीटेज लुक देने के साथ यहां यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म नम्बर एक पर लिफ्ट भी लगाई गई है। इसके अलावा ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड, वीडियो डिस्प्ले, वेटिंग हॉल, रिटायरिंग रूम, टॉयलेट इत्यादि में सुधार, साइनेज तथा प्रकाश व्यवस्था में सुधार आदि कार्य किए गए हैं।
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