मुख्य न्यायाधीश नाराज, इसे सुप्रीम कोर्ट के अधिकार को चुनौती बताया। नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने पश्चिम बंगाल के मालदा में 3 महिला जजों सहित सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह न केवल अधिकारियों को डराने की कोशिश है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के अधिकार को भी सीधी चुनौती देता है। अदालत ने घटना को गंभीर मानते हुए भारत निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए कि जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए और सुरक्षा के लिए केंद्रीय बल तैनात किए जाएं। कोर्ट ने राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से जवाब मांगा। पीठ ने कहा कि यह घटना एसआईआर प्रक्रिया को प्रभावित करने की सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है और निर्देश दिया कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा उनके कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। सागरदिघी की रैली में उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में चुनाव रद्द कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की साजिश रच रही है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की भी आलोचना करते हुए कहा कि वह बंगाल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहा है। उधर मालदा की घटना को लेकर भाजपा ने ममता सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इसे ‘आजाद भारत का काला दिन’ बताया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और हिंसा का आरोप लगाया, जबकि अभिनेता-नेता रवि किशन ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके भड़काऊ बयानों के कारण ही राज्य में तनावपूर्ण हालात बने और सात न्यायिक मजिस्ट्रेटों को रोका गया तथा उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
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