पदमपुर क्षेत्र में डीडी हेड से चाणना धाम तक की सड़क इन दिनों विकास का नहीं, बल्कि भय और मौत का प्रतीक बन चुकी है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा सड़क चौड़ीकरण के नाम पर किनारों पर कई किलोमीटर लंबाई तक खुदाई की गई, जिसे यूं ही खुला छोड़ दिया गया है। यह लापरवाही अब आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि एक मासूम की जान जाने के बावजूद प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। सवाल यह है कि क्या अधिकारी किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं?23 मार्च को यहां एक दर्दनाक हादसा हुआ था। सड़क निर्माण के दौरान बने गड्ढे में बाइक सवार परिवार हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में दो माह के मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि महिला की बाजू टूट गई। यह हादसा 38 जीजी गांव निवासी लवप्रीत सिंह के साथ हुआ। इससे पहले भी एक बाइक सवार यहां चोटिल हो चुका है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग अब तक चुप्पी साधे बैठा है। न तो बेरिकेड्स लगाए गए हैं और न ही रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यही है कि इतनी खतरनाक खुदाई के आसपास कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से मांग की है कि वे दफ्तरों में बैठकर योजनाएं बनाने के बजाय जमीनी हकीकत देखने बाहर निकलें, क्योंकि इस सड़क पर हर पल मौत मंडरा रही है और रात के समय हादसे का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है।
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