प्राइवेट अस्पतालों में 24 घंटे के लिए चिकित्सा सेवाएं बंद, मरीज भटकते रहे

सीमा सन्देश | श्रीगंगानगर
जयपुर में एक निजी अस्पताल के निदेशक डॉक्टर की हालिया गिरफ्तारी के विरोध में श्रीगंगानगर में निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने चिकित्सा सेवाएं बंद कर दीं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) श्रीगंगानगर के आह्वान पर मंगलवार सुबह 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक निजी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं स्थगित रहीं। इस दौरान आपात स्थिति में मरीजों के परिजन जिला सरकारी अस्पताल पहुंचे। दूर-दराज से सामान्य परामर्श और जांच के लिए आए मरीजों ने भी सरकारी अस्पताल में इलाज करवाया।

जिले में लगभग 50 निजी अस्पताल हैं, जहां प्रतिदिन सात से आठ हजार मरीजों की ओपीडी रहती है और रोजाना करीब 30 ऑपरेशन किए जाते हैं। निजी स्तर पर चिकित्सा सेवाएं बंद होने से ऑपरेशन, परामर्श और आरजीएचएस योजना से जुड़े कार्य प्रभावित हुए।

निजी अस्पतालों में सेवाएं बंद रहने के कारण जिला अस्पताल में अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गईं। डॉक्टरों को अलग-अलग स्थानों पर अतिरिक्त ड्यूटी सौंपी गई और 24 घंटे एक मेडिकल स्टोर खुला रखने का निर्णय लिया गया। आपात सेवाएं पूर्ववत जारी रहीं, लेकिन मरीजों की संख्या सामान्य से अधिक बनी रही।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन श्रीगंगानगर इकाई के अध्यक्ष डॉ. हरीश रहेजा ने बताया कि यह 24 घंटे के लिए चिकित्सा सेवाएं बंद रखने का सामूहिक निर्णय है। आगामी रणनीति को लेकर जल्द स्थिति स्पष्ट की जाएगी। गौरतलब है कि जयपुर में डॉ. सोनदेव की गिरफ्तारी हुई है, जिसे लेकर डॉक्टरों का कहना है कि बिना लापरवाही के आपराधिक कार्रवाई अनुचित है।

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