सीमा सन्देश # हनुमानगढ़। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस प्रकरण, हनुमानगढ़ ने नशीली टैबलेट तस्करी के एक मामले में बुधवार को फैसला सुनाते हुए एक आरोपी को दोषी ठहराकर तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई, जबकि दूसरे आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेन्द्र शर्मा ने पैरवी की। प्रकरण के अनुसार 15 सितम्बर 2019 को टिब्बी थाना के तत्कालीन प्रभारी ओमप्रकाश ने एनडीपीएस घटक युक्त ट्रामाडोल की 200 टैबलेट बरामद कर गुरसेवक सिंह (42) पुत्र हीरासिंह जटसिख निवासी वार्ड नम्बर तीन, सिलवाला खुर्द पीएस टिब्बी को गिरफ्तार किया। जब्त टैबलेट का वजन 82 ग्राम पाया गया, जो एक थैली में थी। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। जांच के दौरान इस मामले में रविन्द्र उर्फ बिंदु (30) पुत्र मदनलाल जाट निवासी 14 एसएलडब्ल्यू रोही मेहरवाला को भी आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया गया। अनुसंधान पूर्ण होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। विचारण के दौरान साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी गुरसेवक सिंह को दोषी ठहराया, जबकि सह-आरोपी रविन्द्र उर्फ बिंदु को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने दोषी गुरसेवक सिंह को तीन वर्ष के कारावास के साथ 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया।
नशा तस्करी मामले में एक दोषी को 3 साल की सजा, दूसरा आरोपमुक्त

Leave a Reply