मोदी के नेतृत्त्व में सांस्कृतिक चेतना को मिली नई ऊर्जा

jaipur

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय स्वाभिमान और अटूट आस्था का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाकर सशक्त और आत्मनिर्भर भारत निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री सोमवार को जयपुर स्थित झारखंड महादेव मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण यह संदेश देता है कि सृजन की शक्ति विनाश से कहीं अधिक प्रबल होती है। भारत की संस्कृति हर चुनौती के बाद और अधिक मजबूती से खड़ी होती है। विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, ईमानदारी, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सम्मान और राष्ट्रसेवा हमारी समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर कई बार विदेशी आक्रमण हुए, लेकिन यह हर बार अधिक भव्यता और स्वाभिमान के साथ पुन: स्थापित हुआ। उन्होंने भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बताते हुए कहा कि मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ उत्साह से मनाया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकास भी, विरासत भी’ की अवधारणा को साकार किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारधाम पुनर्विकास, महाकाल लोक और अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा जैसे कार्यों से देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिली है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और प्रधानमंत्री के संबोधन को वर्चुअल माध्यम से सुना।

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