गेहूं की सरकारी खरीद शुरू, कलक्टर ने किया निरीक्षण

सीमा सन्देश # हनुमानगढ़। गेहूं की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर औपचारिक रूप से बुधवार से शुरू कर दी गई। इस मौके पर जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने जंक्शन स्थित कृषि उपज मंडी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने हाल ही में हुई बारिश के कारण मंडी में लाई जा रही फसल के खराब होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की उपज को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल और उचित भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जिला कलक्टर ने बताया कि बारिश के कारण कुछ स्थानों पर गेहूं की फसल गीली हो गई है, जिससे किसानों को परेशानी हो सकती है। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखकर गीली फसल के लिए गुणवत्ता मानकों में छूट (रिलेक्सेशन) देने का आग्रह किया गया है। साथ ही फसल के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं और उम्मीद जताई गई है कि जल्द ही किसानों को राहत मिल जाएगी।

धान मंडी का निरीक्षण कर बारिश से बचाव व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा, दिए दिशा-निर्देश। पीलीबंगा में भी समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद का शुभारंभ किया गया। किसान श्रीमती परमेश्वरी देवी दौलतावाली की गेहूं की ढेरी का फर्म जय हरी ट्रेडिंग कंपनी की आढ़त में विक्रय से श्रीगणेश हुआ। गेहूं की ढेरी में नमी की मात्रा की जांच मौके पर की गई, जो 11.5 प्रतिशत पाई गई। गुणवत्ता मानकों के अनुसार यह 12 प्रतिशत से कम होने पर खरीद प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

मंडी समिति में एफसीआई, आरएसएफसीएससी व तिलम संघ द्वारा खरीद की जानी है, जिसमें आज तिलम संघ द्वारा श्रीगणेश किया गया। इस मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष हनुमान प्रसाद जैन, सचिव सर्वजीत कंग, मण्डी समिति सचिव विष्णुदत्त शर्मा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद का किया शुभारंभ। मक्कासर निवासी कृषक पुरुषोत्तम लाल शर्मा की गेहूं ढेरी का फर्म जुगल किशोर प्रेम रतन की आढ़त में विक्रय से खरीद प्रक्रिया शुरू हुई। मौके पर मॉइश्चर मीटर से जांच में नमी 11.75 प्रतिशत पाई गई, जो निर्धारित 12 प्रतिशत सीमा से कम होने के कारण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप रही। जिला कलक्टर ने मंडी यार्ड का निरीक्षण कर किसानों व व्यापारियों से चर्चा की और सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि मंडी में गेहूं पहुंचते ही त्वरित गुणवत्ता जांच कर खरीद प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें।

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