सीमा सन्देश के संपादक ललित शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हम शोक सभाओं में आकर हुतात्माओं के बारे में बहुत कुछ अच्छा सुनते-बोलते हैं। उनके जीवन आदर्शों की सराहना भी करते हैं, लेकिन विडम्बना यह है कि उनका अपने जीवन में अनुसरण नहीं करते। आपने एडवोकेट काशीराम जी की कर्मठता, कार्य के प्रति...