सीमा सन्देश | पदमपुर
श्रीगंगानगर जिले में पदमपुर–गंगानगर हाईवे पर टोल नाकों को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। पुलिस की मौजूदगी में दोनों टोल नाकों का संचालन शुरू होते ही व्यापक विरोध शुरू हो गया। इस दौरान श्रीकरणपुर से कांग्रेस विधायक रूपिंद्र सिंह कुन्नर ‘रूबी’ को गांव 25 बीबी स्थित उनके आवास पर नजरबंद किया गया, वहीं टोल हटाओ संघर्ष समिति के संयोजक सुखबीर सिंह फौजी सहित कई आंदोलनकारियों को पुलिस ने अस्थायी रूप से डिटेन किया। जिला प्रशासन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले टोल नाके पर समिति के आंदोलनकारियों व विधायक को पुलिस अपने साथ ले गई थी और बाद में उन्हें गांव छोड़ दिया गया था। पुलिस का पहरा; कांग्रेस ने कहा- ये ‘काला दिवस’ है मंगलवार को विधायक कुन्नर के निवास पर पुलिस का पहरा रहा। उनके निवास पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए और नजरबंदी की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कार्यकर्ताओं ने काला दिवस घोषित किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष व विधायक रूपिंद्र सिंह कुन्नर ने निवास पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से 40 दिनों से चल रहे आंदोलन के बावजूद प्रशासन ने टोल कंपनी के दबाव में जबरन टोल शुरू करवा दिया। संघर्ष समिति के नेताओं की चेतावनी- टोल नाका हटाने तक हर स्तर तक जाएगा आंदोलन धान मंडी परिसर में हुई बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक सुखबीर सिंह फौजी ने मजदूर और व्यापारी संगठनों के साथ सरकार को चेतावनी दी कि टोल बंद करवाने के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा। रविंद्र तरखान ने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता और किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर केवल टोल कंपनियों के हितों की चिंता कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर टोल कंपनी पर इतनी मेहरबानी और आम जनता के साथ अन्याय क्यों किया जा रहा है। संघर्ष समिति और कांग्रेस नेताओं ने 15 अप्रैल को 18 बीबी टोल नाके पर बड़ी संख्या में जुटने का आह्वान किया। टोल के विरोध में पदमपुर में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मशाल जुलूस भी निकाला, जिसमें सांवरमल शर्मा, सुदेश मोर, कुलदीप सिंह कुन्नर, हंसराज खटक और इंद्राज पूनिया शामिल रहे।
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