सीमा सन्देश # सूरतगढ़। सरकारी गेहूं खरीद इस बार नियमों में बदलाव के कारण शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि सोमवार से प्रस्तावित खरीद कार्य ठप रखने का ऐलान कर दिया गया है। व्यापारियों और किसानों के विरोध के बावजूद सरकार द्वारा केवल आंशिक राहत दिए जाने से असंतोष बना हुआ है।
नियमों को लेकर आपत्तियां व्यापारियों का कहना है कि कई पटवार मंडलों में गिरदावरी मात्र 5 क्विंटल प्रति बीघा के आधार पर की जा रही है, जबकि वास्तविक उत्पादन करीब 12 क्विंटल प्रति बीघा तक है। इससे किसानों की पूरी उपज की सरकारी खरीद संभव नहीं हो पाएगी। इसके अलावा हर वर्ष 30 जून तक चलने वाली खरीद अवधि को घटाकर इस बार 30 मई तक सीमित कर दिया गया है, जिससे किसानों और व्यापारियों में नाराजगी बढ़ी है।
प्रशासन की तैयारियां पूरी :कृषि उपज मंडी समिति के सचिव विकास सहारण के अनुसार प्रशासन ने खरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंडी में अब तक 3 लाख 20 हजार कट्टे बारदाना उपलब्ध कराया जा चुका है और इस बार 10 लाख 80 हजार कट्टों की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
किसान नजर आ रहे चिंता : इस बीच अनाज मंडी में बड़ी मात्रा में गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन खरीद शुरू नहीं होने से किसान परेशान हैं। उन्हें आशंका है कि देरी के कारण उनकी उपज को नुकसान हो सकता है। हालांकि गांव स्तर के खरीद केंद्रों पर खरीद कार्य शुरू हो चुका है, फिर भी मंडी में गतिरोध से हालात गंभीर बने हुए हैं।बहिष्कार का निर्णय व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय कुमार गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से सोमवार से गेहूं खरीद नहीं करने का फैसला लिया गया। जिला व्यापार संघ के समर्थन के साथ मंडी में खरीद कार्य शुरू नहीं होगा। मंडल ने स्पष्ट किया कि बारदाना वितरण भी नहीं किया जाएगा। सुबह 11 बजे उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग उठाई जाएगी। हालांकि अन्य जिंसों का कारोबार सामान्य रूप से जारी रहेगा। व्यापार मंडल ने सोमवार को अनाज मंडी में पूर्ण हड़ताल की घोषणा की है। सचिव नवनीत सारड़ा ने बताया कि हड़ताल के दौरान किसी भी जिंस की बोली या खरीद-बिक्री नहीं होगी। इस हड़ताल को किसान संगठनों और मजदूर यूनियनों का भी समर्थन मिल रहा है, जिससे इसका प्रभाव और व्यापक होने की संभावना है।
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