पालिका क्षेत्र में 25 की बजाय 45 दिन बाद हो रही घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग

सीमा सन्देश# घड़साना करीब डेढ़ साल पहले कस्बे की दो ग्राम पंचायत तथा पास की चार ग्राम पंचायतों के एरिया को शामिल कर नई नगरपालिका के गठन के बाद नागरिकों को राहत की बजाय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां नगरपालिका का कार्य शुरू होने के बावजूद भारत गैस एजेंसी द्वारा नागरिकों को नियमों को ताक में रख कर 25 दिन के बजाय 45 दिन बाद गैस की बुकिंग की जा रही है। गैस एजेंसी की मनमानी के चलते उपभोक्ताओं में प्रशासन के प्रति आक्रोश पनप रहा है। कस्बे के शास्त्री चौक निवासी संजीव कुमार ने बताया कि उसका राशन कार्ड शहर के बीचों बीच बाजार एरिया का होने के बावजूद ग्रामीण एरिया के मुताबिक 45 दिन बाद गैस सिलेण्डर दिया जा रहा है।भारतीय जनता पार्टी देहात मंडल पूर्व अध्यक्ष विनोदी पारीक ने बताया कि नगरपालिका लागू होने से पहले विद्युत, पानी, दूरभाष सहित अन्य राजस्व शहरी क्षेत्र के हिसाब से नागरिकों से वसूला जा रहा है। भारत गैस एजेंसी द्वारा डेढ़ माह अंतराल बाद सिलेंडर देने की व्यवस्था से आम उपभोक्ताओं, गृहणियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवंटन ग्रामीण केटेगिरी का: तारा परिहार, प्रवर्तन निरीक्षक के मुताबिक भारत गैस की एजेंसी का आवंटन 2008 में ग्रामीण केटेगिरी के तहत हुआ था। गैस एजेंसी द्वारा इरान-अमेरिका युद्ध से पहले भारत सरकार के नियमों के तहत गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे थे। अब स्थिति बदल जाने पर यह समस्या खड़ी हो गई। भारत गैस को रसद विभाग ने शहरी केटेगिरी करने के लिए पत्राचार कर निर्देश दिए हैं। इस समस्या का समाधान शीघ्र करवाया जाएगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने दिनों के अंतराल में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग हो रही है, जिससे एक पूरे परिवार का गुजारा मुश्किल हो गया है। 25 दिन की अवधि में बुकिंग से तो जैसे-तैसे काम चल जाता है, लेकिन डेढ़ महीने बाद बुकिंग, फिर सिलेंडर मिलना, इससे लोग काफी परेशान हो रहे हैं।ईरान-अमेरिका में युद्ध का यहां असर: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध कई दिनों से चल रहा है, जिस कारण खाड़ी देशों से क्रूड ऑयल और गैस सप्लाई पर असर पड़ा है। हालांकि युद्ध में स्थाई सीजफायर को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास जारी हैं, लेकिन खाड़ी देशों से भारत में क्रूड ऑयल और गैस सहित अन्य की सप्लाई कब पहले की तरह सामान्य होगी, अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। श्रीगंगानगर जिले में गैस सप्लाई पर जिला प्रशासन की ओर से निगरानी की जा रही है।

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