सीमा सन्देश # हनुमानगढ़। राजस्थान विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति (हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर) के आह्वान पर दोनों जिलों में बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में आंदोलन का ऐलान करते हुए सोमवार को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश रखने की घोषणा की है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जोधपुर डिस्कॉम के अंतर्गत हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर वृत्त के प्रस्तावित निजीकरण को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सोमवार को कर्मचारी पैदल रोष मार्च निकालकर जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इस दौरान निजीकरण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। समिति संयोजक अनिल चलका, अरविन्द गढ़वाल, राकेश झाझड़ा, सुनील गिरी, सतपाल स्वामी, जयप्रकाश लेघा, विनोद अग्रवाल, मीनू शर्मा, कुलवंत गिल, अनिरुद्ध पालसिंह, पिस्ता चौधरी और सरस्वती सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि विद्युत क्षेत्र में उत्पादन, प्रसारण और वितरण निगमों में अलग-अलग मॉडल के नाम पर निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो आमजन और कर्मचारियों दोनों के हित में नहीं है। निजीकरण होने से बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी होगी, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं, किसानों और लघु उद्योगों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां मुनाफे को प्राथमिकता देती हैं, जिससे सेवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है और आपात स्थिति में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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