नई दिल्ली। नरेन्द्र मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में देश की बेटियों की उपलब्धियों पर गर्व जताया। उन्होंने बताया कि फ्रांस के बॉरदॉ में आयोजित यूरोपियन गर्ल्स मैथेमेटिकल ओलंपियाड में भारतीय टीम ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए विश्व में छठा स्थान हासिल किया। मुंबई की श्रेया मूंदड़ा ने स्वर्ण पदक, तिरुवनंतपुरम की संजना चाको ने रजत और चेन्नई की शिवानी भरत कुमार ने कांस्य पदक जीता, जबकि कोलकाता की श्रिमोयी बेरा भी टीम का हिस्सा रहीं। पीएम ने कहा कि यह सफलता कठिन चयन प्रक्रिया और निरंतर मेहनत का परिणाम है।
प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर भारत में बांस उद्योग के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 में बांस को पेड़ की श्रेणी से बाहर करने के निर्णय ने बड़ा परिवर्तन किया। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर मिले। नागालैंड के दीमापुर सहित कई क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह बांस आधारित उत्पादों में नवाचार कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बांस उत्पाद खरीदकर इस क्षेत्र के कारीगरों का समर्थन करें।
मोदी ने जनगणना 2027 को डिजिटल रूप में सफल बनाने के लिए नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने बताया कि इस बार लोग स्वयं भी अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। कर्मचारियों के आने से पहले 15 दिन की यह सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे समय की बचत और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना बताते हुए सभी से सहयोग करने का आह्वान किया।
पश्चिम एशिया में ईंधन संकट के बीच प्रधानमंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सौर और पवन ऊर्जा न केवल पर्यावरण हेतु जरूरी हैं, बल्कि देश के भविष्य की सुरक्षा से भी जुड़ी हैं। भारत की पवन ऊर्जा क्षमता 56 मेगावाट से अधिक हो चुकी है और देश इस क्षेत्र में दुनिया में चौथे स्थान पर है। इससे रोजगार और नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
पीएम ने तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की क्रिटिकलिटी हासिल होने पर वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा में ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह रिएक्टर ऊर्जा उत्पादन के साथ भविष्य हेतु ईंधन भी तैयार करता है, जिससे देश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आने वाली बुद्ध पूर्णिमा के संदर्भ में पीएम ने कहा कि गौतम बुद्ध के विचार आज के तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। उन्होंने शांति, करुणा और संतुलन के संदेश को अपनाने की अपील की। भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में बुद्ध के विचारों का प्रसार हो रहा है, जो मानवता को नई दिशा दे रहा है। पीएम के इस संबोधन में शिक्षा, विज्ञान, पर्यावरण, परंपरा और तकनीक—सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास का स्पष्ट संदेश नजर आया। उन्होंने नागरिकों से सक्रिय भागीदारी और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मोदी ने भारतीय डेयरी सेक्टर में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि मूल्यवर्धन से पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। ब्राजील में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय चीज को पुरस्कार मिलने से देश का मान बढ़ा है। जम्मू-कश्मीर की कलारी, हिमालयी क्षेत्रों की छुरपी और गुजरात–महाराष्ट्र की टोपली नु पनीर जैसे उत्पाद दुनिया में पहचान बना रहे हैं।
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