सीमा सन्देश # पदमपुर – भारतीय सिंधु सभा एवं भारतीय सिंधु सभा राजस्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेशव्यापी ‘सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा 2026’ का आयोजन किया जाएगा। ‘अपनी जड़ें, अपनी पहचान-सिंधी भाषा और संस्कृति का सम्मान’ संकल्प के साथ यह यात्रा 17 मई को जयपुर से शुरू होकर 14 जून को जयपुर में ही भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न होगी। इस यात्रा का 3-4 जून को श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में पहुंचने का कार्यक्रम है। इस दौरान इन दोनों जिलों में यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा।
धार्मिक आशीर्वाद के साथ होगा शुभारंभ: सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं महाराष्ट्र प्रभारी महेंद्र कुमार तीर्थानी ने बताया कि यात्रा का शुभारंभ श्री अमरापुर स्थान से पूजा-अर्चना एवं महामंडलेश्वर हंसराम उदासीन के आशीर्वाद के साथ होगा। यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक स्थलों पर संत महात्माओं से मार्गदर्शन भी लिया जाएगा।
युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का उद्देश्य: महेंद्र कुमार तीर्थनी ने बताया कि 29 दिवसीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य सिंधी समाज की युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत, भाषा और संस्कारों से जोड़ना है। यात्रा के दौरान राजस्थान के प्रमुख जिलों में जिला स्तरीय ‘सिंधु संस्कृति सम्मेलन’ आयोजित होंगे, जिनमें मातृशक्ति और युवाओं की विशेष भागीदारी रहेगी।
यात्रा के प्रमुख कार्यक्रम: यात्रा संयोजक एवं सभा के प्रदेश महामंत्री गिरधारी लाल ज्ञेनाणी तथा सह संयोजक डॉ. प्रदीप गेहाणी ने बताया कि यात्रा के दौरान कई सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
सिंधी बाल संस्कार शिविर: बच्चों को योग, प्रार्थना, गीत-संगीत, सिंधी लोरियां, पारंपरिक खेल और एनिमेशन के माध्यम से भाषा एवं संस्कृति से परिचित कराया जाएगा।
भाषा कोर्स पंजीकरण: राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद द्वारा संचालित भाषा पाठ्यक्रमों के लिए स्पॉट रजिस्ट्रेशन काउंटर लगाए जाएंगे।
मुखी सम्मेलन: समाज की पारंपरिक पंचायत व्यवस्था को आधुनिक संदर्भ में मजबूत बनाने के लिए प्रदेश के मुखियों के साथ संवाद होगा।
युवा प्रतिभाओं का सम्मान: प्रत्येक जिले में समाज की स्थानीय विभूतियों एवं युवा प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा।
प्रस्तावित यात्रा मार्ग: प्रचार प्रभारी मूलचंद बसंताणी ने बताया कि यात्रा जयपुर से शुरू होकर अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, उदयपुर, पाली, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, अलवर, खैरथल, भरतपुर, कोटा और बूंदी होते हुए पुनः जयपुर पहुंचेगी।
समापन अवसर पर जयपुर में ‘सिंधु संस्कृति प्रदर्शनी’ आयोजित होगी, जिसमें सिंधी कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। संरक्षक सुरेश कटारिया, मोहनलाल वाधवाणी, प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर मोरवाणी, मातृशक्ति अध्यक्ष शोभा बसंताणी, घनश्याम हरवानी, घनश्याम मेघवानी और एड. रमेश शेवकानी सहित अन्य पदाधिकारियों ने समाज से अधिकाधिक भागीदारी की अपील की। बैठक में संगठन के प्रदेश, संभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे।
Leave a Reply