सीमा सन्देश # हनुमानगढ़। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के बैनर तले प्रभावित नागरिकों ने शुक्रवार को एक फाइनेंस कंपनी के कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी पर आरोप लगाया कि ऋण चुकता करने के बावजूद ग्राहकों को समय पर उनके दस्तावेज और एनओसी जारी नहीं की जा रही है, जिससे आम लोग परेशान हैं। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच लंबी वार्ता भी चली, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन लोगों ने अपना पूरा भुगतान ब्याज सहित कर दिया है, उनके कागजात पिछले चार से पांच महीनों से लंबित पड़े हैं। लोग लगातार कंपनी के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब ग्राहक की एक भी किस्त चूक जाने पर कंपनी की ओर से तुरंत पेनल्टी लगाई जाती है, तो फिर कंपनी की ओर से 5-6 महीनों तक कागजात और एनओसी जारी नहीं करने पर उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती। उन्होंने इसे दोहरा मापदंड बताते हुए कंपनी के रवैये की कड़ी आलोचना की।धरने में शामिल नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ कुछ लोगों की समस्या नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में ग्राहक इस परेशानी से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी जानबूझकर कागजात रोककर लोगों को परेशान कर रही है, जो पूरी तरह से गलत और अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक कंपनी सभी पात्र ग्राहकों को उनके दस्तावेज और एनओसी जारी नहीं कर देती, तब तक बेमियादी धरना जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर रामेश्वर वर्मा, रघुवीर वर्मा, बहादुर सिंह चौहान, शेर सिंह शाक्य, मोहन लोहरा, वेद मक्कासर, बलदेव सिंह, सुरेश, रिछपाल सिंह, वली शेर, पुरुषोत्तम, इरशाद अली, रफीक मोहम्मद, अनवर खान, लड्डू खान, लालचन्द देवर्थ, ओमप्रकाश, नारायण राम सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद प्रभावित नागरिक मौजूद रह
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