जोधपुर। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब मारवाड़ के चूना पत्थर (लाइमस्टोन) उद्योग पर दिखने लगा है। कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने से रिफाइनरियों से मिलने वाला पेटकोक (पेट्रोलियम उत्पाद का बायप्रोडक्ट) कम हो गया है, जिससे इस उद्योग का उत्पादन 50% तक गिर गया है। आपूर्ति में कमी: प्रदेश की लगभग 400 औद्योगिक इकाइयों में पेटकोक की कमी से उत्पादन आधा रह गया है। कई इकाइयां बंद होने की कगार पर हैं। लागत में उछाल: पेटकोक की कीमत ₹2,800 प्रति टन से बढ़कर ₹17,500 तक पहुँच गई है। व्यापक असर: लाइमस्टोन का उत्पादन घटने से स्टील, फार्मा, शुगर, पेपर और सीमेंट जैसे बड़े उद्योग भी संकट में हैं। ऑल इंडिया लाइम मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अनुसार, रिफाइनरियों से होने वाली 70% तक कम आपूर्ति ने करोड़ों का कारोबार प्रभावित कर दिया है। यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो निर्माण और दवा क्षेत्र में भारी किल्लत हो सकती है।
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