नेतेवाला में नहीं नरसिंहपुरा बारानी में लगेगा ठोसकचरा प्रबंधन प्लांट, प्रशासन की हरी झंडी

कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर पिछले कई दिनों चल रहे घमासान को आखिरकार प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए एकबारगी समाप्त कर दिया है। वहीं सॉलेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर नेतेवाला व चक छह जैड में कचरा डालने का ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे विरोध को और हाइकोर्ट के आदेश के पालना नहीं होने पर संभावित कार्यवाही देखते हुए प्रशासन ने इन सबका तोड़ निकाल लिया है। इसके तहत प्रशासनिक अमले ने नेतेवाला के 17 बीघा में प्रस्तावित सॉलेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की जगह को बदलने का निर्णय लिया है। अब यह प्लांट नरसिंहपुरा की 14 बीघा बारानी भूमि में लगाया जाएगा। इसके लिए भूमि हस्तांतरित करने, जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल से अनुमति लेने सहित कई प्रक्रिया आगामी तीन माह में पूरी की जाएंगी। प्रशासन से नरसिंहपुरा में प्लांट स्थापित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हरी झंडी मिलने और इसके लेकर आए दिन होने वाले प्रदर्शनों से निजात मिलने की संभावना को देखते हुए नगरपरिषद अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है।

इधर एसडीएम/आयुक्त नयन गौतम, तहसीलदार, नगरपरिषद सचिव राकेश कुमार, सीओ विष्णु खत्री सहित प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों की अगुवाई में पहुंचे पुलिस अमले ने दोपहर को चक जैड के धरना स्थल पर डम्पिंग प्वाइंट की ओर जाने वाला रास्ता रोककर बैठे ग्रामीणों को वहां से हटा दिया। ग्रामीणों के धरना स्थल से हटते ही प्रशासनिक अमले के साथ पहुंची टीम ने कचरे से भरे डम्पिंग प्वाइंट खाली कर दिए।

शहर के सभी वार्डों से रोजाना कचरा एकत्र कर चक 6 जैड स्थित डम्पिंग यार्ड में डाला जाता है। नगर परिषद, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने समझाइश कर धरना समाप्त करवाया है। धरना कुछ लोगों द्वारा अपने निजी और व्यवसायिक हितों के लिए लगाया गया था। मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन लोगों ने न्यायालय के निर्णय का इंतजार नहीं किया। धरने के दौरान सरकारी रास्ता बाधित कर राजकार्य में बाधा डाली गई, जिससे कचरे का नियमित निस्तारण नहीं हो पाया और आमजन को परेशानी हुई। नगर परिषद की प्राथमिकता शहर को साफ और सुरक्षित रखना है। माननीय उच्च न्यायालय के जो भी निर्णय होंगे, उनकी पालना में नगर परिषद द्वारा कार्यवाही की जाएगी।

— नयन गौतम, एसडीएम / आयुक्त नगरपरिषद, श्रीगंगानगर

Leave a Reply

Your email address will not be published.