नए शीर्ष पर भाजपा : देश की 76 फीसदी आबादी व 72 प्रतिशत क्षेत्रफल अब भगवामय, टूटा 2018 का रिकॉर्ड

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पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में आज मतगणना है। मतगणना के साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि किस राज्य में किस दल की सरकार बनेगी। कहां कौन सत्ता में वापसी करेगा और कहां परिवर्तन होगा, यह सब दोपहर तक स्पष्ट हो जाएगा। नतीजों के साथ देश के सियासी नक्शे का रंग भी बदलेगा। आइए जानते हैं कि इस वक्त देश का सियासी नक्शा कैसा है और पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद देश की राजनीति में क्या बदलाव आए हैं। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की मतगणना से पहले की स्थिति देखें तो फिलहाल 20 राज्यों में भाजपा या उसके सहयोगियों की सरकार है। इनमें से 12 राज्यों में भाजपा अपने बल पर सत्ता में है, जबकि आठ राज्यों में भाजपा सहयोगी दलों के साथ सरकार चला रही है। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के नतीजों के मुताबिक, भाजपा अब जिन 21 राज्यों में शासन कर रही है, उनका कुल क्षेत्रफल देश के करीब 72 फीसदी के बराबर है। वहीं आबादी के लिहाज से भाजपा इस समय भारत की लगभग 76 फीसदी आबादी पर शासन कर रही है। भाजपा जिन 21 राज्यों में सत्ता में है, उनमें क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है, जो देश के कुल क्षेत्रफल का 10.40 फीसदी है, जबकि सबसे छोटा पुदुचेरी है, जिसका क्षेत्रफल महज 0.01 फीसदी है। आबादी के लिहाज से भाजपा के शासन वाला सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश है, जहां देश की 16.50 फीसदी आबादी रहती है, जबकि इस मामले में भी पुदुचेरी सबसे छोटा है, जिसकी आबादी देश की 0.10 फीसदी है। मई 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के समय देश के सात राज्यों में भाजपा या उसके सहयोगी दलों की सरकार थी। इनमें से पांच राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री थे, जबकि आंध्र प्रदेश और पंजाब में सहयोगी दल सत्ता में थे। इन दो राज्यों में देश की छह फीसदी से अधिक आबादी रहती है। वहीं छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा के मुख्यमंत्री थे, जहां देश की 19 फीसदी से अधिक आबादी निवास करती है। यानी जब नरेंद्र मोदी देश की सत्ता में आए थे, उस समय करीब 26 फीसदी आबादी पर भाजपा और उस वक्त देश के 14 राज्यों में कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों की सरकारें चल रही थीं। कांग्रेस शासित इन राज्यों में देश की 37 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती थी। इन राज्यों में महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े राज्य शामिल थे।2018 में भाजपा पीक पर पहुंची। 2014 में सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार थी। चार साल बाद, मार्च 2018 में 21 राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार बन गई। इन राज्यों में देश की करीब 71 फीसदी आबादी रहती है। यह वह दौर था, जब आबादी के लिहाज से भाजपा का शासन पीक पर था। वहीं, चार राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी, जहां देश की लगभग सात फीसदी आबादी रहती थी।

दिल्ली चुनाव के नतीजों का असर भी सियासी तस्वीर पर दिखा। बिहार चुनाव से पहले दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए। फरवरी 2025 में हुए इन चुनावों के बाद 27 साल बाद भाजपा ने दिल्ली में वापसी की। दिल्ली में देश की आबादी का लगभग 1.3 फीसदी हिस्सा रहता है। 2011 की जनगणना के अनुसार दिल्ली की आबादी 1.68 करोड़ थी। देश के केवल 0.02 फीसदी भू-भाग वाले इस केंद्र शासित प्रदेश में फरवरी 2025 तक आम आदमी पार्टी की सरकार शासन कर रही थी।

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