एसकेडी यूनिवर्सिटी में विश्व पुस्तक दिवस पर प्रभावशाली भाषण प्रतियोगिता, वरुण यादव बोलेपुस्तकों के माध्यम से ज्ञान अर्जित कर जीवन को समृद्ध बनाए

हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर एक प्रभावशाली भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संगठन स्पंदन के अंतर्गत गठित क्लब “शब्द शिल्प” द्वारा आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में पठन-पाठन के प्रति रुचि विकसित करना तथा बौद्धिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पुस्तकों का महत्व, डिजिटल युग में पठन संस्कृति तथा ज्ञान के विकास में साहित्य की भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने अपने भाषणों के माध्यम से पुस्तकों को जीवन का सच्चा मार्गदर्शक बताते हुए उनके महत्व को प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें विषय-वस्तु, अभिव्यक्ति, भाषा शैली और प्रस्तुति को आधार बनाया गया। प्रतियोगिता में विधि संकाय से कविता ने प्रथम, शिक्षा संकाय से सिमरन ने द्वितीय तथा विधि संकाय से रजनी ने तृतीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तकें हमारे जीवन की अमूल्य धरोहर हैं, जो हमें सही दिशा प्रदान करती हैं और हमारे व्यक्तित्व का निर्माण करती हैं। इन्होंने कहा—विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन वरुण यादव ने कहा कि विचारों के युद्ध में पुस्तकें सर्वोत्तम अस्त्र हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान अर्जित कर अपने जीवन को समृद्ध बनाने का आह्वान किया। विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. मयंक माथुर द्वारा शिक्षा संकाय अधिष्ठाता प्रो. डॉ. विक्रम सिंह औलख द्वारा संपादित पुस्तक “तिरंगे की आन, बान, शान” तथा भूगोल के सहायक आचार्य डॉ. बाबूलाल शर्मा द्वारा संपादित पुस्तक “ऋषि मॅपिंग कल्चर” का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में “शब्द शिल्प” क्लब की समन्वयक डॉ. अनु खान एवं सह-समन्वयक आस्था मिश्रा ने क्लब के संरचनात्मक प्रारूप पर प्रकाश डालते हुए इसके अंतर्गत आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन मदन लाल शर्मा द्वारा किया गया।

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