25 नवंबर 1949 को जब भारत के संविधान का अंतिम प्रारूप तैयार हुआ, तब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने देश के भविष्य को लेकर एक गहरी और दूरदर्शी चेतावनी दी। उन्होंने कहा था—‘26 जनवरी 1950 को हम विरोधाभासों भरे जीवन में प्रवेश करने जा रहे हैं। राजनीतिक जीवन में हमारे पास समानता होगी, लेकिन सामाजिक और...