जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के साथ कौशल से जोड़कर आत्मनिर्भर बना रही है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित विदेशी भाषा संचार कौशल कार्यक्रम के एमओयू समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने युवाओं को इस समस्या से मुक्ति दिलाई है। शर्मा के अनुसार अब तक 351 परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करवाई गई हैं और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। विदेशी भाषाओं से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर: मुख्यमंत्री ने युवाओं से विदेशी भाषाएं सीखने का आह्वान करते हुए कहा कि आज के दौर में यह आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इंग्लिश एंड फोरेन लेंग्वेजेज यूनिवर्सिटी और नेशनल स्किल डवलपमेंट कॉर्पोरेशन के साथ एमओयू किए हैं। इसके तहत युवाओं को फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, जापानी और कोरियन भाषाएं सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि विदेशी भाषा का ज्ञान युवाओं को बहुराष्ट्रीय कंपनियों, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विदेशों में रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। शिक्षा और भर्ती पर सरकार का फोकस: शर्मा ने कहा कि युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए सरकार ने शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता दी है। प्रदेश में 71 नए राजकीय महाविद्यालय खोले गए हैं तथा 185 कॉलेज भवनों का निर्माण कराया गया है। सरकार ने अब तक सवा लाख से अधिक नियुक्तियां दी हैं, जबकि 1.33 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। निजी क्षेत्र में भी तीन लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। राजस्थान के युवाओं में प्रतिभा: प्रधान केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान के युवाओं में मेहनत, नवाचार, उद्यमिता के साथ-साथ भाषाओं और संस्कृतियों को आत्मसात करने की नैसर्गिक प्रतिभा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से आज देश का युवा डिग्री और सर्टिफिकेट से आगे बढ़कर अपने कौशल एवं सामर्थ्य संवर्धन के प्रयास कर रहा है। यूरोपीय यूनियन के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से युवाओं को विदेशी भाषा से संबंधित रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने और समझने का माध्यम है। आने वाले समय में राजस्थान की लोककथाएं जैसे पृथ्वीराज चौहान की गाथा विदेशी भाषा में अनुवादित होगी और दुनिया तक पहुंचेगी। भाषा हमें विश्वास देती है: चौधरी केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयन्त चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा नीति में मातृभाषाओं को प्राथमिक शिक्षा का आधार बनाया गया है। स्थानीय भाषा हमारे गौरवशाली अतीत संजोए रखने के साथ-साथ हमें विश्वास देती है, हमारी जड़ों से हमारा भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करती है। यह एमओयू भारतीय छात्रों के लिए दुनिया भर में संभावनाओं के द्वार खोलने का काम करेंगे जिससे हमारे युवाओं के कौशल एवं हुनर को वैश्विक मंच मिलेगा। चौधरी ने कहा कि पीएम सेतु में राजस्थान में बेहतरीन काम हुआ है। उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि यह एमओयू केवल कागजी समझौता नहीं बल्कि हमारे युवाओं को अवसरों से जोड़ने का सशक्त एवं प्रभावी माध्यम है।
पिछली सरकार में युवाओं के साथ अन्याय हुआ : भजनलाल शर्मा

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