पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होने के बाद जिले में गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को दोपहर के समय तेज धूप ने लोगों को परेशान किया और अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्मी के बढ़ते असर के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा और अन्य दिनों की तुलना में यातायात भी कम नजर आया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अंतर्गत मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर की ओर से जारी ताजा अपडेट के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सर्वाधिक तापमान बाड़मेर में 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 4-5 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है तथा अधिकतम तापमान में और 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। विशेष रूप से 17-18 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर हीटवेव (लू) चलने की भी संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष मानसून कमजोर पड़ सकता है। देशभर में बारिश औसत से कम रहने के संकेत मिले हैं। इस बार बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज का लगभग 92 प्रतिशत ही रह सकती है, जिससे कई राज्यों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में सामान्य या उससे अधिक बारिश भी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार एल नीनो जैसी स्थिति बनने की संभावना है, जिसका मानसून पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल के संकेत भी मिले हैं, जो कुछ हद तक मानसून को संतुलित करने में मदद कर सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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