नई दिल्ली। मार्च 2026 में देश की खुदरा महंगाई बढ़कर 3.4 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो फरवरी में 3.21 प्रतिशत थी। भारतीय रिजर्व बैंक के लिए यह आंकड़ा अभी भी 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे है, जिससे कुछ राहत बनी हुई है। महंगाई बढ़ने का प्रमुख कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी रहा। फूड इन्फ्लेशन बढ़कर करीब 3.8% हो गया, जबकि फरवरी में यह 3.47% था। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 3.63% और शहरी क्षेत्रों में 3.11% दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान और इजराइल से जुड़ी स्थिति का असर भी कीमतों पर पड़ा है। यदि यह तनाव लंबा चला, तो महंगाई और बढ़ सकती है।राज्यों में तेलंगाना (5.83%) सबसे अधिक महंगाई वाला राज्य रहा, जबकि राजस्थान में यह 3.64% दर्ज की गई। नए बेस ईयर (2024) के तहत महंगाई मापने के तरीके में बदलाव किया गया है, जिसमें डिजिटल सेवाओं को शामिल किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार महंगाई का सीधा संबंध मांग और आपूर्ति से है। उदाहरण के तौर पर, पिछले साल 100 रु. का सामान अब औसतन 103.4 रु. का हो गया है।
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