सीमा सन्देश#श्रीगंगानगर। नगर विकास न्यास द्वारा 1 एफ में 4 बीघा भूमि पर सॉलिड वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन और प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए एनओसी जारी करने के विरोध में शुरू हुआ ग्रामीणों और आस-पास की कॉलोनियों के बाशिन्दों का संघर्ष आखिरकार रंग लाया। शुक्रवार दोपहर करीब चार बजे बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आस-पास की कॉलोनी के बाशिन्दों द्वारा कलेक्ट्रेट पर डाले गए पड़ाव के ढाई घंटे बाद ही कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि एक एफ छोटी के मुरब्बा नंबर 18 किला नं. 16, 17, 24, 25 पर कचरा नहीं डाला जाएगा। भाजपा नेता अशोक चाण्डक की अगुवाई में कलेक्टर से मिले प्रतिनिधि मण्डल ने जैसे ही बाहर आकर इसकी घोषणा की, मौके पर मौजूद हर व्यक्ति ने इसे एकजुटता और संघर्ष की जीत बताते हुए अपनी खुशी का इजहार किया। जानकारी मिली है कि जिला कलेक्टर की ओर से शहर में कचरा निस्तारण को लेकर प्रतिनिधि मण्डल को आश्वस्त किया गया कि आगामी 24 घंटे में शहर में फिर से कचरा उठाव व्यवस्था शुरू हो जाएगी। यह व्यवस्था शुक्रवार को शुरू होनी थी, परन्तु अन्य कार्यों में व्यस्तता के चलते ऐसा नहीं हो पाया।
इससे पूर्व कलेक्ट्रेट पर हुई सभा में भाजपा नेता अशोक चाण्डक ने कहा कि धरने पर बैठे सभी लोग इस समस्या के निस्तारण में प्रशासन के साथ हैं, परन्तु इसका यह मतलब नहीं कि अकारण हर किसी को परेशान किया जाए। जब छह जैड में कचरा निस्तारण हो रहा है और नेतेवाला में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगना है, तो 1 एफ में कचरे का निस्तारण क्यों। उन्होंने कहा कि पहले महादेव एन्कलेव के पास एसटीपी बनाया गया, जिसका किसी ने विरोध नहीं किया और इसका लाभ लोगों को मिला। आज पांच घंटों में शहर से पानी की निकासी हो रही है। पुरानी आबादी और ब्लॉक एरिया का पानी भी लिंक कैनाल में डाला जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को डम्पिंग प्वाइंट बनाने के लिए लिंक रोड पर 15 बीघा भूमि उपलब्ध करवाने का भी सुझाव दिया। नेतेवाला और चक छह जैड में धरना जारी। एक ओर 1 एफ के ग्रामीणों और आस-पास की कॉलोनियों के बाशिन्दों द्वारा कलेक्ट्रेट पर धरना लगाया गया। वहीं नेतेवाला में ठोस कचरा प्रबंधन और चक छह जैड में कचरा डालने के विरोध में ग्रामीणों का धरना जारी रहा। दोनों ही धरनों पर बैठे लोगों का कहना है कि किसी भी स्थिति में यहां कचरा डालने नहीं दिया जाएगा। चक छह जैड में लगे धरने की अगुवाई करने वाले राजकुमार सैनी और ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन द्वारा धरने पर बैठे लोगों को जबरदस्ती हटाने का प्रयास किया गया, तो इस दौरान यदि कोई अनहोनी या अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। लोगों ने कहा कि पानी की टंकी नजदीक ही है।
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