नई दिल्ली। आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स की नीलामी प्रक्रिया में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इसमें शामिल अमेरिकी कारोबारी काल सोमानी के नेतृत्व वाले सोमानी ग्रुप ने नीलामी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रुप ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर गहरी निराशा व्यक्त की है। उनका आरोप है कि अंतिम फैसला निष्पक्ष नहीं था और उन्हें समान अवसर नहीं दिया गया। सोमानी ग्रुप का कहना है कि वे पिछले छह महीनों से इस रेस में सबसे आगे थे और उन्होंने कभी भी अपनी बोली वापस नहीं ली थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सोमानी ग्रुप ने नाम वापस ले लिया है।
हाल ही में दिग्गज उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल और उनके बेटे आदित्य मित्तल ने अदार पूनावाला के साथ मिलकर राजस्थान रॉयल्स की 93% हिस्सेदारी करीब 15,600 करोड़ रुपये ($1.65 बिलियन) में खरीद ली है। नई डील के अनुसार लक्ष्मी मित्तल का परिवार राजस्थान रॉयल्स में लगभग 75% हिस्सेदारी रखेगा, जबकि अदार पूनावाला के पास 18% हिस्सा होगा। शेष 7% हिस्सेदारी पुराने निवेशक मनोज बडाले और अन्य के पास रहेगी। टीम के नए बोर्ड में लक्ष्मी मित्तल, आदित्य मित्तल, वनीषा मित्तल-भाटिया, अदार पूनावाला और मनोज बडाले शामिल होंगे। इस बड़े बदलाव के साथ राजस्थान रॉयल्स अब आईपीएल की सबसे महंगी टीमों में से एक बन गई है।

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