सीमा सन्देश # जैतसर एमएसपी पर गेहूं खरीद को लेकर चल रहा गतिरोध रविवार को उस समय उग्र हो गया, जब एफसीआई द्वारा बारदाना वापस ले जाने की कोशिश की गई। इस कदम से आक्रोशित किसानों और व्यापारियों ने एफसीआई गोदाम के सामने धरना लगा दिया और बारदाना लेने पहुंचे ट्रक के टायरों की हवा निकाल दी। जानकारी के अनुसार धानमंडी में सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण एफसीआई के क्वालिटी इंस्पेक्टर नेमाराम डूडी व अन्य अधिकारी बारदाना समेटने पहुंचे थे। इसकी भनक लगते ही व्यापार मंडल अध्यक्ष नागरमल गर्ग, कोषाध्यक्ष केवलकुमार शर्मा, इन्द्रजीत सिंह रंधावा और सुमेर सिंह शेखावत सहित बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों का घेराव किया। दोपहर ढाई बजे नायब तहसीलदार अंकित गोदारा ने वार्ता कर बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन वेदप्रकाश सेतिया और अशोक गोयल सहित अन्य प्रतिनिधियों के साथ हुई यह चर्चा बेनतीजा रही। किसान व व्यापारी नियमों में बदलाव के विरोध में अपनी मांगों पर अड़े रहे। धानमंडी बंद की घोषणा किसानों, व्यापारियों एवं राज्य सरकार के बीच गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच रविवार शाम को व्यापारियों ने सोमवार से धानमंडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की। व्यापार मण्डल अध्यक्ष नागरमल गर्ग ने बताया कि गेहूं की सरकारी खरीद से पूर्व राज्य सरकार द्वारा बदले नियमों से किसान व व्यापारी आहत है एवं गेहूं खरीद की संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्ववत करने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में जब तक सरकार नए नियमों को पूर्णतः बदल नहीं देती तब तक नई धानमंडी में कृषि जिंसों से जुड़ा कामकाज बंद रखकर आंदोलन किया जाएगा।
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