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8वीं के बाद नहीं होगी स्कूल बदलने की जरूरत, 8वीं के 399 सरकारी स्कूल हुए 12वीं तक

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा की अनुपालना में शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 399 राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूलों को सीधे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत करने के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग के इस निर्देश के साथ ही प्रारंभिक शिक्षा से प्रधानाध्यापक के 399 पद, अध्यापक लेवल 2 के 798 और अध्यापक लेवल 1 के 798 यानी कुल 1995 पद समाप्त हो गए हैं।
इनके स्थान पर अब इन 399 राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूलों में प्रधानचार्य के 399 पद, व्याख्याता के 1197,वरिष्ठ अध्यापकों के 1995, अध्यापक लेवल 2 के 1197, अध्यापक लेवल 1 के 798, शारीरिक शिक्षक ग्रेड थर्ड के 399, कनिष्ठ सहायकों के 399 और सहायक कर्मचारियों के 399 पद सृजित होंगे।
इसी सत्र से होंगे आरंभ
क्रमोन्नत किए गए स्कूल इसी सत्र से आरंभ होंगे। स्वीकृति के वर्ष से सुविधा के मुताबिक नवीं, दसवीं एक साथ और आगामी सत्रों में क्रमश: 11वीं और 12वीं की कक्षाएं शुरू की जा सकेंगी। स्कूलों को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान से मान्यता के लिए कार्यवाही करनी होगी।
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय से क्रमोन्नत इन स्कूलों में वर्तमान में कार्यरत प्रधानाध्यापक, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत वरिष्ठ अध्यापक को उसके विषय के वरिष्ठ अध्यापक के पद पर समायोजित किया जाएगा। इसी प्रकार राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में वर्तमान में कार्यरत शारीरिक शिक्षक ग्रेड थर्ड को क्रमोन्नत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक के पद पर समायोजित किया जाएगा।
क्रमोन्नत होने वाले राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक ग्रेड थर्ड लेवल वन और लेवल टू के ऐसे अध्यापक जिनका 6डी में सेटअप परिवर्तन हुआ है उनका समायोजन क्रमोन्नत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में उनके विषय के स्वीकृत पद पर किया जाएगा। शेष शिक्षक ग्रेड थर्ड लेवल वन और लेवल टू के अध्यापकों को प्रविष्ठि शाला दर्पण में 3बी में की जाएगी और यह अध्यापक 6डी की कार्यवाही और अन्य शिक्षकों के पदस्थापन होने तक क्रमोन्नत स्कूल में कार्य करते रहेंगे और इनका वेतन आहरण पूर्व की तरह ही प्रारंभिक शिक्षा से किया जाएगा।इन स्कूलों में पहले साल में केवल एच्छिक विषय के व्याख्याता ही देय होंगे। अनिवार्य विषयों हिंदी, अंगे्रजी के शिक्षण के लिए व्याख्याता के स्थान पर वरिष्ठ अध्यापक दिए जाएंगे।
कहां कितने स्कूल क्रमोन्नत
अजमेर में 11, अलवर में 23, बांसवाड़ा में 46, बारां में 7, बाड़मेर में 47, भरतपुर में 7, भीलवाड़ा में 10, बीकानेर में 20, चित्तौडगढ़़ में 1, चूरू में 1, दौसा में 7, धौलपुर में 3, डूंगरपुर में 27, श्रीगंगानगर में 1, हनुमानगढ़ मे 4, जयपुर में 16,जैसलमेर में 7,जालौर में 13,झालावाड़ में 1, जोधपुर में 36, करौली में 6, नागौर मे 5, पाली में 7, प्रतापगढ़ में 29, राजसमंद में 5, सवाई माधोपुर में 6, सीकर में 1, सिरोही में 3, टोंक में 1, उदयपुर में 47 स्कूलों को क्रमोन्नत किया गया है।
राजधानी के यह स्कूल हुए क्रमोन्नत
राउप्रावि कंवरपुरा,शाहपुरा
राउप्रावि, गांवली, जमवारामगढ़
राउप्रावि पीपलोद, शाहपुरा
राउप्रावि, किशनपुरा, बस्सी
राउप्रावि, पहाडिय़ा सोसायटी, चाकसू
राउप्रावि, सीतारामपुरा, फुलेरा
राउप्रावि, ढाणी गुजरान, विराटनगर
राउप्रावि, देवीतला, जमवारामगढ़
राउप्रावि, खोखावाला, बस्सी
राउप्रावि, गुढासर्जन, आमेर
राउप्रावि, जड़ावता, दूदू
राउप्रावि, बड़ी का बांस, बगरू
राउप्रावि, हीरावाला, बस्सी
राउप्रावि गोपाल$गढ़, जमवारामगढ़
राउप्रावि घाटा, बस्सी
राउप्रावि, खिजुरिया तिवाडिय़ान, बस्सी