- शिक्षा मंत्री ने जर्जर भवनों की मरम्मत पर दिया जोर
भरतपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का शनिवार को भरतपुर दौरा कई दृष्टियों से अहम रहा। उन्होंने हाल ही में झालावाड़ में हुए स्कूल भवन हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कहा, ‘जब अच्छाई की जिम्मेदारी हमारी है, तो गलती की भी हमारी ही है।’ मंत्री ने स्पष्ट किया कि हादसे वाला स्कूल जर्जर भवनों की सूची में शामिल नहीं था और एक वर्ष पूर्व उसकी आंशिक मरम्मत हुई थी, लेकिन कुछ हिस्सों की खराब स्थिति ने यह हादसा करवाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि अब जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी और प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। दिलावर ने बताया कि बीते वर्ष स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 82 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जबकि इस वर्ष यह राशि बढ़ाकर 175 करोड़ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रक्रियाएं समय लेती हैं, लेकिन काम प्राथमिकता से किया जा रहा है।
मंत्री ने सरकारी स्कूलों के बेहतर परीक्षा परिणामों की सराहना करते हुए कहा कि गरीब बच्चों ने चुनौतियों के बावजूद बेहतर प्रदर्शन किया है, तमाम चुनौतियों के बावजूद सरकारी स्कूल के बच्चे अच्छे परिणाम ला रहे हैं। इसके लिए शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को बधाई देता हूं और अब ऐसा माहौल बनाना है कि लोग निजी स्कूलों को भूल जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग की खामियों को दूर किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
स्कूल भवन हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं : दिलावर

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