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हाईकमान से आर-पार की लड़ाई के मूड में बागी विधायक, अशोक गहलोत पर फैसला होने तक वापस नहीं लेंगे इस्तीफा

जयपुर
राजस्थान कांग्रेस में जारी उथल-पुथल कम होने का नाम नहीं ले रही है। सचिन पायलट को सूबे की कमान सौंपने की संभावना के चलते 80 से ज्यादा विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाईकमान से माफी मांगी और कांग्रेस अध्यक्ष की रेस से खुद को अलग कर लिया। अब बागी विधायक हाईकमान से आर-पार के मूड में दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि वे अशोक गहलोत पर फैसला होने तक अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। दरअसल, ऐसी अटकले हैं कि गहलोत की जगह किसी और को राजस्थान की कमान सौंपी जा सकती है।
सचिन पायलट के विरोध में दिया इस्तीफा

सचिन पायलट को राजस्थान की कमान सौंपने की संभावना के चलते विधायकों ने 25 सितंबर को स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया। 90 से अधिक विधायकों ने गहलोत का उत्तराधिकारी निर्धारित करने के लिए बुलाई गई विधायक दल की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इसे पर्यवेक्षकों मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन ने अनुशासनहीनता करार दिया था। उन्हंने हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। जिसके बाद तीन विधायकों को नोटिस जारी किया गया था। विधायक 2020 में सरकार के साथ खड़े रहे 102 विधायकों में से किसी को सीएम चुनने की मांग कर रहे हैं। 

गहलोत ही संभालेंगे राजस्थान की कमान

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के बहाने अशोक गहलोत ने आलाकमान के सामने शक्ति प्रदर्शन किया। यह दांव उनपर उल्टा पड़ गया और उन्हें पार्टी अध्यक्ष के चुनाव की रेस से बाहर होना पड़ा। इतना ही नहीं उन्होंने सोनिया गांधी से माफी भी मांगी। अब सभी की नजरें राजस्थान में होने वाले सियासी घटनाक्रम पर हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि गहलोत सीएम की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे या पायलट को कमान सौंपी जाएगी। इसका पता आने वाले समय में चल जाएगा।