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हल्की बारिश के बाद सर्दी से राहत, चढ़ा पारा

  • हनुमानगढ़ जिले में 25 एमएम बारिश दर्ज, रावतसर तहसील में सर्वाधिक 8 एमएम बारिश
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    पश्चिमी विक्षोभ के असर से क्षेत्रवासियों को कड़ाके की सर्दी से राहत मिली है। गुरुवार को दिन भर बादलवाही के बाद देर शाम को शुरू हुई हल्की बारिश देर रात तक जारी रही। बूंदाबांदी से सड़कें भीग गई। हनुमानगढ़ जिले में 25 एमएम बारिश दर्ज की गई। रावतसर तहसील में सर्वाधिक 8 एमएम बारिश हुई। इसके अलावा हनुमानगढ़ तहसील में 6 एमएम, नोहर में 5 एमएम, पीलीबंगा में 2 एमएम, संगरिया में 2 एमएम, टिब्बी में 2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। भादरा क्षेत्र में बारिश के समाचार नहीं हैं। शुक्रवार को हनुमानगढ़ क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। संगरिया स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र की मौसम इकाई के पूर्वानुमान के अनुसार हनुमानगढ़ जिले में 21-22 जनवरी को शुष्क मौसम तथा 23-24 जनवरी को परिवर्तनशील मौसम तथा बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। पांच दिनों में अधिकतम तापमान 18.0 से 21.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6.0 से 8.0 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सापेक्ष आर्द्रता 26-93 प्रतिशत हो सकती है। हवा की औसत गति 9.0 से 13.0 किमी प्रति घंटे हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को भी सुबह बादल छाए रहे और शीतलहर से कुछ राहत मिली। फिर धूप निकली तो सर्दी से राहत मिली। दिन व रात के तापमान में भी बढ़ोतरी हुई। सुबह और रात को हालांकि अभी भी सर्दी ठिठुरा रही है लेकिन दिन में तेज धूप के कारण सर्दी से काफी राहत मिली। विक्षोभ के कारण सर्दी से कुछ राहत मिली है, लेकिन बारिश से जाती हुई सर्दी फिर ठिठुरा सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 22 जनवरी के बाद प्रदेश में कुछ स्थानों पर मावठ हो सकती है। इससे सर्दी एक बार फिर से बढ़ सकती है। हनुमानगढ़ में 22 और 23 जनवरी को बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग की मानें तो अगले पांच दिनों के दौरान उत्तर भारत में शीतलहर की कोई स्थिति नहीं है। किसानों के अनुसार यह बरसात फसलों के लिए फायदेमंद होगी। इधर बीते दिनों कड़ाके की सर्दी में हनुमानगढ़ जिले में भी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। रबी की फसलों को शीतलहर और पाले से बचाने के लिए अन्नदाता अब भी चिंतित है। इससे पहले कुछ दिन तक तापमान जमाव बिंदु के आसपास बना हुआ था। खेतों में सुबह बर्फ जमी मिलती थी। इस बर्फ के कारण जिले में कई जगह सरसों की फसल को भारीनुकसान हो चुका है। किसानों का कहना है कि कई जगहों पर पछेती सरसों में भी नुकसान है। लेकिन पछेती सरसों में अगेती से कम नुकसान है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल में नुकसान नहीं है। लेकिन इस बार सरसों का रकबा अधिक था। पिछले साल सरसों के भाव अधिक रहने और बुआई से पहले बारिश होने के कारण इस साल सरसों का रकबा बहुत अधिक रहा। लेकिन सरसों के सर्दी की चपेट में आने से किसानों को मोटा नुकसान हो गया। मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि शनिवार को मौसम साफ रह सकता है जबकि रविवार और सोमवार को एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ इलाके को प्रभावित करेगा। इससे मौसम फिर से सर्द होने की संभावना है। इस दौरान एक बार फिर बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो हिमालय के ऊपर से बन रहे इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से आगे के कुछ दिन मौसम बेहद ठंडक भरा रहने की संभावना है।