Friday, February 3निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

हड्डारोडी स्थल पर गर्माया माहौल, विरोध कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

  • ग्रामीणों ने लगाया प्रशासन पर हठधर्मिता अपनाने का आरोप
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    गांव कोहला में जिला स्तरीय हड्डारोडी बनाने के विरोध में ग्रामीणों की ओर से करीब चार माह से किए जा रहे आंदोलन का मामला बुधवार सुबह उस समय गर्मा गया जब भारी पुलिस जाप्ते के साथ नगर परिषद का अमला हड्डारोडी स्थल पर पौधरोपण करने सहित अन्य विकास कार्य करवाने पहुंचा। हड्डारोडी स्थल के नजदीक रास्ते पर धरना दे रहे ग्रामीणों ने नगर परिषद व पुलिस के वाहनों को हड्डारोडी स्थल पर नहीं जाने दिया और वे वाहनों के आगे बैठ गए। मौके पर तैनात पुलिस जाप्ते ने भाजपा नेता अमित सहू, पूर्व पार्षद देवेन्द्र पारीक, हड्डारोडी हटाओ संघर्ष समिति के संयोजक लीलाधर शर्मा आदि के नेतृत्व में विरोध दर्ज करवा रहे पुरुषों व महिलाओं को वहां से हटाकर रास्ता खुलवाया। इसके चलते एकबारगी माहौल तनावपूर्ण हो गया। भारी विरोध के बावजूद पुलिस कर्मियों ने विरोध दर्ज करवा रहे ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत के बाद हटाया। साथ ही दर्जनों ग्रामीणों के साथ उनकी अगुवाई कर रहे लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर टाउन थाना ले गई। इसके बाद पौधों व हड्डारोडी स्थल पर लगाए जाने वाले गेट आदि रखे ट्रैक्टर-ट्रॉली को हड्डारोडी स्थल तक ले जाया गया। साथ ही हड्डारोडी स्थल पर विकास कार्यांे की शुरूआत की गई। इस दौरान भाजपा नेता अमित सहू ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने हठधर्मिता अपनाते हुए शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे ग्रामीणों को माहौल खराब करने के लिए उकसाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से बात करने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने ग्रामीणों की एक नहीं सुनी और पुलिस ग्रामीणों को उठाकर थाना ले गई। सहू ने कहा कि ग्रामीण पिछले 128 दिनों से जिला स्तरीय हड्डारोडी के खिलाफ बेमियादी धरना दे रहे हैं। मंगलवार को सांसद निहालचन्द ने भी जिला कलक्टर से बात कर आबादी क्षेत्र से दूर किसी अन्य जगह पर हड्डारोडी बनाने के लिए प्रस्ताव भिजवाने को कहा था। लेकिन पता नहीं प्रशासन गांव कोहला को उजाड़ने में इतनी दिलचस्पी क्यों ले रहा है। प्रशासन की ओर से किया गया बलप्रयोग निंदनीय है। हड्डारोडी का विरोध लगातार जारी रहेगा। ग्रामीण इसके विरोध में डटे रहेंगे। रामेश्वर लाल सहारण ने बताया कि सोमवार शाम को जिला परिषद कार्यालय के सभागार में प्रशासन के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही थी। वार्ता में तय हुआ था कि दीपावली त्योहार तक प्रस्तावित हड्डारोडी की जगह पर कोई कार्य न किया जाए। इसके बाद कोई और जगह पर हड्डारोडी बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। लेकिन प्रशासन गांव कोहला में हड्डारोडी बनाने पर उतारु है। लेकिन ग्रामीण भी जब तक जिंदा हैं प्रस्तावित जगह पर मृत पशु नहीं डालने देंगे। उन्होंने बताया कि 127 दिन तक तो मेगा हाइवे के पास धरना चला। मंगलवार से यह धरना हड्डारोडी के पास शुरू किया गया। पूरी रात ग्रामीणों ने धरनास्थल पर गुजारी। बुधवार को पुलिस जाप्ते के साथ नगर परिषद का अमला धरनास्थल पर पहुंचा और जबरन धरने से उठा दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से कहा था कि पौधे तो ग्रामीण स्वयं भी लगा देंगे। लेकिन अधिकारियों ने उनकी नहीं सुनी और ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया।