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सरकार की चौथी वर्षगांठ: सीएम गहलोत बोले, जो वादे किए थे वो निभाए, प्रदेश में नहीं एंटी इनकंबेंसी

जयपुर। गहलोत सरकार के आज 4 साल पूरे हो गए हैं। सरकार के 4 साल के पूरे होने पर जवाहर कला केंद्र में आज विभागों के कामकाज की विकास प्रदर्शनी लगाई गई थी जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया, साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सूचना जनसंपर्क विभाग के ऐप को भी लॉन्च किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी रहे। उसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विभागों की ओर से लगाई गई अलग-अलग विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इससे पहले प्रदर्शनी उद्घाटन के मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने कामकाज का बखान किया, साथ ही कहा कि गहलोत सरकार ने 4 साल में विकास के कई आयाम स्थापित किए हैं। सीएम गहलोत ने यह भी साफ कर दिया कि ऐसा पहली बार हुआ जब 4 साल के बाद भी राजस्थान में एंटी इन्कमबेंसी नहीं है। सरकार ने गुड गवर्नेंस दिया है और लोगों को सरकार का मॉडल पसंद आया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जनता से पूछकर चुनाव घोषणा पत्र बनाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जनता से पूछ कर चुनाव घोषणा पत्र तैयार किया गया। सरकार बनने के बाद चुनाव घोषणा पत्र को सरकारी दस्तावेज बनाते हुए उसे जन घोषणापत्र का नाम दिया गया और जन घोषणा को आधार बनाकर ही हर विभागों के फैसले हो रहे हैं। सीएम गहलोत ने कहा कि घोषणापत्र के अधिकांश वादे निभाए गए हैं लेकिन हो सकता है कुछ वादे अभी भी रह गए हों।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार के 4 साल में से 2 साल कोरोना काल में बीत गए। कोरोना काल में सरकार ने शानदार कोरोना प्रबंधन किया और सरकार के भीलवाड़ा मॉडल की भारत ही नहीं पूरी दुनिया में तारीफ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सरकार के भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ की थी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सरकार के भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ की। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में आॅक्सीजन की कमी से किसी की भी मौत नहीं हुई, जबकि बड़े-बड़े शहरों में क्या हालात हुए सभी को पता है। कोरोना काल में हमने कोई कमी नहीं रखी।
कें्रद्र सरकार पर दबाव बनाया, उन्होंने कहा कि कोरोना काल में उन्होंने 500 बैठकें ली थी। कोई भूखा नहीं सोए इस थीम पर काम करते हुए प्रदेश में किसी को भी भूखा नहीं सोने दिया। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, भामाशाहों और धार्मिक संगठनों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
सरकार की कई योजनाएं ऐसी जो देश में कहीं नहीं
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार ने कई ऐसी योजनाएं चलाई हैं जो देश में कहीं नहीं है। चिरंजीवी योजना, वृद्धावस्था पेंशन, राजीव गांधी अंग्रेजी सरकारी स्कूल, ओल्ड पेंशन स्कीम और नि:शुल्क जांच योजना की चर्चा पूरे देश में है।
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि सरकार का पांचवा और अंतिम बजट युवाओं को समर्पित होगा। हम बजट पूर्व संवाद बैठकों के जरिए लोगों से सुझाव ले रहे हैं। अब तक 70000 सुझाव आॅनलाइन भी सरकार के पास आए हैं जिन्हें बजट में शामिल कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि 2014 में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार की मनरेगा योजना पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि कि मनरेगा योजना कांग्रेस का स्मारक बन गया है लेकिन अब यही मनरेगा योजना लोगों के काम आ रही है। हमने शहरों में भी मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार गारंटी योजना स्कीम शुरू की है। कोरोना काल में मनरेगा योजना लोगों के लिए वरदान साबित हुई।