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सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने पर रोष:जैन समाज ने निकाला मौन जुलूस, झारखंड सरकार के निर्णय को बताया आहत करने वाला

श्रीगंगानगर. जैन धर्म स्थल सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने के विरोध में गुरुवार को जैन समुदाय ने मौन जुलूस निकाला। शहर के बीरबल चौक स्थित जैन भवन से निकला यह मौन जुलूस शहर के प्रमुख रास्तों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन लेने एडीएम आए बाहर

मौन जुलूस के रूप में समाज के प्रमुख लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को पीड़ा बताई। एडीएम (विजिलेंस) उम्मेद सिंह रतनू लोगों के बीच आए और उन्होंने ज्ञापन लिया। समाज के लोगों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं झारखण्ड के मुख्यमंत्री को संबोधित करते दिए ज्ञापनों में सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने के निर्णय की निंदा करते हुए तत्काल इसे वापिस लेने की मांग की।

जैन सभा के अध्यक्ष सुमेर बोरड़, संरक्षक नरेश जैन, वीरेंद्र बैद, उपाध्यक्ष दीपक जैन, सचिव संदीप आंचलिया, कोषाध्यक्ष विरेन्द्र डागा, उप सचिव मनोज जैन हैप्पी, दलीप बोरड़, तेरापंथी सभा के पूर्व अध्यक्ष भैंरूदान गोलछा सहित कई लोग मौजूद रहे। श्री आत्मवल्लभ जैन कॉलेज शिक्षा न्यास की तरफ से भी जिला प्रशासन को ज्ञापन दिए गए।

मौन जुलूस की शुरुआत से पहले बीरबल चौक के नजदीक जैन भवन में एकत्र हुए जैन समाज के लोगों ने सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने के निर्णय को दुखद बताया, उनका कहना था कि इस इलाके को पूर्णतया धार्मिक क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए था, लेकिन झारखंड सरकार ने जैन समाज की भावनाओं को आहत किया है।