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संक्रमण के साये में मांएं:1 बेड पर 2 मरीज से संक्रमण का खतरा फिर भी लेटा रहे

बीकानेर

पीबीएम के जनाना हॉस्पिटल में एक बेड पर दो-दो प्रसूताएं लेटी हैं। कुछ घंटे पहले ही इन्होंने बच्चों को जन्म दिया है, जबकि 300 बेड का नया जनाना विंग खाली पड़ा है। वहां केवल ओपीडी चलाया जा रहा है। कोरोना महामारी से पहले बनकर तैयार हुई नई जनाना बिल्डिंग में वे सारी सुविधाएं मौजूद हैं जो एक जनाना हॉस्पिटल में होनी चाहिए। यहां तीन सौ बेड के साथ-साथ मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम और इमरजेंसी आईसीयू है। कोरोना महामारी के दौरान यहां कोविड मरीजों के 500 बेड लगाए गए थे।

भास्कर टीम ने दाेनाें विंग का रियलिटी चैक किया ताे चाैंकाने वाली बात सामने आई। लेबर रूम में प्रसूता की डिलीवरी होने के बाद उन्हें एम-2 वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। पुरानी जनाना बिल्डिंग के एम-1 और एम-2 में 48-48 बेड है। इन दाेनाें वार्डाें में एक बेड पर दाे-दाे प्रसूताएं लेटी नजर आईं। एम-3 में 24 बेड लगे हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि एक बेड पर दाे प्रसूताओं काे लेटाने के महिला और बच्चा दाेनाें में ही संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। बल्कि पीलिया सहित कई बीमारियां घेर सकती हैं।

हैरानी की बात यह है कि नई जनाना बिल्डिंग में प्रसूताओं के लिए आईपीडी सेवाएं शुरू करने की बजाय हॉस्पिटल प्रशासन पुरानी जनाना बिल्डिंग में करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है। गायनोकोलॉजिस्ट दबी जुबान से संक्रमण की बात स्वीकार तो करती हैं लेकिन बोलने से कतराते हैं।