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शिक्षक भर्ती घोटाला

  • ममता के मंत्री पार्थ चटर्जी को दो दिन की ईडी रिमांड, करीबी अर्पिता मुखर्जी भी हुई गिरफ्तार
    कोलकाता।
    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के उद्योग और वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी को कथित शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तारी के बाद कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने ईडी को चटर्जी की दो दिन की कस्टडी दी है। उधर, चटर्जी के बाद उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। बता दें कि अर्पिता के घर नोटों का अंबार मिला है। उनके घर 21 करोड़ से ज्यादा कैश मिला। नोटों की गिनती के लिए बैंकों से मशीनें मंगाई गई थी।
    पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार में कद्दावर मंत्री पार्थ चटर्जी, जो कथित घोटाला के वक्त राज्य के शिक्षा मंत्री थे, को ईडी अधिकारियों द्वारा दक्षिण कोलकाता में उनके घर पर लगभग 26 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने पार्थ चटर्जी को दो दिन की ईडी रिमांड दी गई है।
    मेडिकल फेसिलिटी मिले: पार्थ के वकील
    इससे पहले पार्थ चटर्जी के अधिवक्ता सोमनाथ मुखर्जी ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें हॉट संबंधी दिक्कते हैं। हमने मांग की कि अगर ईडी की हिरासत दी जाती है तो उन्हें उचित चिकित्सा सुविधाएं दी जानी चाहिए।
    अर्पिता भी अरेस्ट, घर पर मिला नोटों का जखीरा
    पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर बीती रात छापेमारी की थी। अर्पिता के घर से 21 करोड़ कैश बरामद हुआ। नोट 500 और 2000 के नोटों में थे। ईडी सूत्रों से जानकारी मिली है कि अर्पिता को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। मुखर्जी के परिसर से करीब 20 मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज भी बरामद किए गए।
    नोटों को ले जाने के लिए लाना पड़ा ट्रक
    जानकारी के अनुसार, अर्पिता के घर ईडी के अधिकारी बीती शाम से छापेमारी कर रही है। घर में मिले नोटों के जखीरे की गिनती के लिए बैंक से मशीनें मंगाई गई। अब तक 21.20 करोड़ रुपए कैश बरामद किए गए हैं। इतना ही नहीं मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि ईडी के अधिकारियों को नोट ले जाने के लिए ट्रक बुलाना पड़ा। बक्सों में भरकर नोटों को ट्रक में लादा गया और रवाना किया गया।
    गौरतलब है कि ईडी ने यह छापेमारी कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भर्ती घोटाले में मामले दर्ज किए जाने के एक महीने बाद की है।