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वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर मुख्यधारा में लाने की मुहिम

  • गांव रणजीतपुरा के र्इंट भट्ठा पर जिला कलक्टर व सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने किया संस्कारित पाठशाला का लोकार्पण
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    समाज एवं इतिहास में उन लोगों के बारे में बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं जिन्होंने अपने बड़प्पन को मासूमियत की छोटी सी खिड़की से झांक कर देखा हो। कच्ची मिट्टी को सृजन का भव्य आकार प्रदान करने का बाल कल्याण समिति की ओर से चलाया जा रहा हर हाथ किताब अभियान इनके बड़प्पन की एक बानगी है। यह बात जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने गुरुवार को गांव रणजीतपुरा में जयसिंह बेनीवाल र्इंट उद्योग पर प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के लिए खोली गई संस्कारित पाठशाला के लोकार्पण समारोह में कही। जिला कलक्टर डिडेल ने शिक्षा के दान को सर्वोत्तम बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम 2 बालकों को शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए उनकी प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करवाना चाहिए ताकि एक सभ्य समाज की संकल्पना साकार हो सके। जिले को बालश्रम व भिक्षावृत्ति मुक्त करने की मुहिम के तहत हर र्इंट भट्ठे तक मजदूर वर्ग के जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के संकल्प को लेकर गांव रणजीतपुरा में जयसिंह बेनीवाल के र्इंट उद्योग पर खोली गई संस्कारित पाठशाला का उद्घाटन जिला कलक्टर नथमल डिडेल व बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जितेन्द्र गोयल ने किया। कार्यक्रम में एएसपी नीलम चौधरी, एसडीएम डॉ. अवि गर्ग, सरपंच दीपिका सिंवर, सोहन लदोइया, माता किताब कौर एजुकेशन ग्रुप निदेशक शकुंतला लांबा, सरस्वती जन कल्याण शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश दादरी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। इसके अलावा कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि एवं भामाशाहों मौजूद रहे। इस मौके पर बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जितेन्द्र गोयल ने कहा कि यह पाठशाला सरपंच दीपिका सिंवर व जयसिंह बेनीवाल के विशेष सहयोग से खोली गई है। इस मौके पर जिला कलक्टर डिडेल, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष गोयल सहित अन्य अतिथियों की ओर से सभी बच्चों को जूते पहनाए गए। भामाशाहों के सहयोग से बच्चों को पाठ्य व खेल सामग्री और स्कूल बैग वितरित किए गए। अन्य वक्ताओं ने कहा कि आज जिले के लोग शिक्षा की अलख जगाने में आगे आ रहे हैं। इस मुहिम में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष लगातार कड़ी मेहनत कर इस कार्य को धरातल पर उतारने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं जो निश्चित रूप से अनुकरणीय है। यह बहुत ही खुशी की बात है। इससे वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर मुख्यधारा में लाया जा सकेगा। इससे बालश्रम, भिक्षावृत्ति व नशे पर अंकुश तो लगेगा ही साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में समृद्ध जिले की संरचना को मूर्त रूप मिलेगा। संस्कारित पाठशाला के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद जिला कलक्टर सहित अन्य अतिथियों ने रणजीतपुरा के राजकीय विद्यालय में खेल ग्राउंड व गांव में बने पुरातन कुएं का निरीक्षण करते हुए युवाओं के परिश्रम की सराहना की तथा हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।