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लोग ऑक्सीजन के लिए दर-दर नहीं भटके, इसलिए हर जिले में बनेगा ऑक्सीजन बैंक; CMHO, कलेक्ट्रेट से मरीजों को मिलेंगे कंसंट्रेटर

जयपुर

कोरोना की दूसरी लहर में लोग जिस तरह से ऑक्सीजन के लिए परेशान हो रहे थे, दर-दर भटक रहे थे। ऐसी विकट परिस्थितियां प्रदेश में तीसरी लहर में नहीं देखने को मिले इसके लिए सरकार ने योजना बनाई है। कोरोना या अन्य बीमारी से पीड़ित ऐसे मरीज जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है और वह घर पर ही इलाज करवा सकता है। उसे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश के हर जिले में ऑक्सीजन बैंक बनाया जाएगा, जहां से लोगों को बिना किसी चार्ज के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए जाएंगे। ये बैंक जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) या कलेक्टर की निगरानी में काम करेगा।

कोरोना की दूसरी लहर में ज्यादातर लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई। ऑक्सीजन नहीं होने के कारण अस्पतालों के अलावा घरों पर भी सैकड़ों लोगों ने दम तोड़ दिया था। ऑक्सीजन फिलिंग स्टेशनों पर ऑक्सीजन सिलेंडर लोगों को मिल नहीं हो रहे थे। कालाबाजारी को रोकने के लिए हर ऑक्सीजन प्लांट पर सरकार को अधिकारियों को अधिकारी मॉनिटरिंग के लिए उतारने पड़े थे।

उसके बावजूद भी लोगों को एक-एक ऑक्सीजन सिलेंडर जद्दोजहद करनी पड़ रही थी। कोरोना की दूसरी लहर में अगर समय पर और पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल जाती तो शायद सैकड़ों लोगों की जान बच भी सकती थी। लेकिन, ऐसा मंजर दोबारा न देखने को मिले इसके लिए सरकार अभी से तैयारी कर रही है।

CMHO ऑफिस या कलेक्ट्रेट से मिल सकेंगे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अगस्त तक प्रदेश में 40 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मंगवाए हैं। इसमें से 50 फीसदी से ज्यादा आ चुके हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में जिला और तहसील स्तर पर बने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (CHC) पर पहुंचा दिए गए हैं। अब जो शेष बचे कंसंट्रेटर हैं वो और भामाशाह से जो मिल रहे हैं उन्हें जिला मुख्यालयों और छोटे शहरों में ADM के यहां रखवाया जाएगा। ताकि, लोगों को जरूरत होने पर यह उपलब्ध करवाए जा सकें।

सुरक्षा के तौर पर ली जाएगी राशि
ऑक्सीजन बैंक से उन लोगों को कंसंट्रेटर दिए जाएंगे, जिनके कोरोना के हल्के लक्षण होंगे और वह घर पर ऑक्सीजन, दवाइयों से ठीक हो जाएंगे। इसके लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। हालांकि, सुरक्षा के तौर पर कुछ राशि पहले रखवाई जाएगी, जो कंसंट्रेटर वापस देने के बाद लौटा दी जाएगी। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मंजूरी के लिए चिकित्सा मंत्री को भिजवाया है।

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