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लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए मिनी मैराथन का आयोजन

  • जिला न्यायालय परिसर में नालसा मॉड्यूल मेगा चेतना शिविर का भी आयोजन
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    आगामी 12 नवंबर को आयोजित होने वाली इस साल की अंतिम राष्टÑीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए मंगलवार को जिला मुख्यालय पर मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। मिनी मैराथन को न्यायालय परिसर से जिला विधिक प्राधिकरण सचिव संदीप कौर, जिला परिषद सीईओ अशोक असीजा, एडीएम प्रतिभा देवठिया व डीएसपी रमेश माचरा की ओर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर बार संघ अध्यक्ष मनजिन्द्र सिंह लेघा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हंसराज जाजेवाल सहित न्यायिक, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। मिनी मैराथन में छात्र-छात्राओं, न्यायिक, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। मिनी मैराथन के बाद जिला न्यायालय परिसर में नालसा मॉड्यूल मेगा चेतना शिविर का आयोजन भी किया गया। इसमें मौके पर ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलवाए जाने के लिए सभी राजकीय विभागों की स्टॉल लगाई गई। इनमें सरकारी योजनाओं से सम्बन्धित आवेदन करवाने के साथ-साथ लाभों को भी वितरण किया गया। मेगा चेतना शिविर में राष्ट्रीय लोक अदालत से सम्बन्धित डोर स्टेप कांउसलिंग का भी आयोजन किया गया। इसमें न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने पक्षकारों के मध्य समझाइश की। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव संदीप कौर ने बताया कि रालसा के निर्देशानुसार 12 नवंबर को राष्टÑीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। यह इस वर्ष की आखिरी लोक अदालत है। लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए मंगलवार को जिला मुख्यालय पर न्यायिक, प्रशासन और पुलिस के सहयोग से मिनी मैराथन का आयोजन किया गया है। सचिव संदीप कौर ने बताया कि साल में चार बार राष्टÑीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। इसकी वजह न्यायालयों में भारी संख्या में केसों का लम्बित होना है। पूरे देश में करीब पांच करोड़ केस लम्बित हैं। पेंडेंसी को कम करने के लिए राष्टÑीय लोक अदालत के माध्यम से अधिकतम केसों का निस्तारण करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि न्यायालयों पर भार कम हो। इस मिनी मैराथन के जरिए भी यही प्रचार-प्रसार किया जा रहा है कि लोग केसों में लम्बित अपने राजीनामा योग्य प्रकरणों को राष्टÑीय लोक अदालत में रखकर आपसी सहमति से निपटाएं। उन्होंने कहा कि हमारे समाज का एक ऐसा वर्ग है जिसके लिए आजीविका के साधन जुटा पाना बहुत मुश्किल है पर मुकदमेबाजी की वजह से उनकी आर्थिक हालत और ज्यादा खराब हो रही है। प्राधिकरण का टारगेट भी ऐसे वर्ग की तरफ है कि उन्हें मुकदमेबाजी से बाहर लाया जाए। वैसे भी मुकदमेबाजी से समाज में सौहार्दपूर्ण माहौल खराब होता है। इसलिए इस मिनी मैराथन के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया है कि लोग अपने राजीनामा योग्य प्रकरणों का निस्तारण करवाने के लिए आगे आएं। बार संघ अध्यक्ष मनजिन्द्र सिंह लेघा ने कहा कि 12 नवंबर को आयोजित होने वाली राष्टÑीय लोक अदालत में बार संघ के अधिवक्ता अधिकाधिक प्रकरणों में पक्षकारों का राजीनामा से निस्तारण करवाने का प्रयास करेंगे। ज्यादा से ज्यादा लोगों को न्याय प्रदान हो, इसके लिए बार संघ के अधिवक्ता प्रयासरत रहेंगे। लेघा ने कहा कि राजीनामा बेहतर व्यवस्था है। इसके जरिए लोगों का आपसी विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।