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रेस्टोरेंट में आग, छत पर रखे थे 15 सिलेंडर:आग पहुंचने से पहले ही काबू कर लिया गया, बड़ा हादसा टला

बीकानेर. बीकानेर के जयनारायण व्यास कॉलोनी में रविवार सुबह एक रेस्टोरेंट में आग लग गई। इसी रेस्टोरेंट की छत पर पंद्रह से ज्यादा एलपीजी गैस सिलेंडर रखे हुए थे, जहां आग पहुंच जाती तो भारी नुकसान हो सकता था। इस हादसे में रेस्टोरेंट का सामान जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि आग लगने के वक्त वहां कोई नहीं था, ऐसे में जनहानि नहीं हुई।

जेएनवीसी में स्थित इस बिल्डिंग में आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड काे काफी मशक्कत करनी पड़ी।

जेएनवीसी में स्थित इस बिल्डिंग में आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड काे काफी मशक्कत करनी पड़ी।

कॉलोनी के महर्षि गौतम सर्किल के पास ही डोसा प्लाजा रेस्टोरेंट में रविवार सुबह पहले धुआं नजर आया और बाद में आग की लपटे दिखने लगी। इस पर पड़ौसियों ने रेस्टोरेंट मालिक को सूचना दी और बाद में पुलिस को भी जानकारी दी। जयनारायण व्यास कॉलोनी पुलिस मौके पर पहुंची। दमकल ने आग बुझा दी है लेकिन तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। रेस्टोरेंट बंद था, इसलिए आग को फैलने का पूरा अवसर मिला। आसपास के लोगों ने अपने स्तर पर भी आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन बाद में दमकल ही इस काम अंजाम दे सकी। हालांकि रेस्टोरेंट में आग बुझाने के लिए फायर फाइटर सिलेंडर भी थे, जिससे आग बुझाई गई।

छत पर रखे इन सिलेंडर को फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने हटाया। अधिकांश सिलेंडर में गैस भरी हुई थी।

छत पर रखे इन सिलेंडर को फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने हटाया। अधिकांश सिलेंडर में गैस भरी हुई थी।

छत पर सिलेंडर

बताया जा रहा है कि इस रेस्टोरेंट की छत पर पंद्रह से ज्यादा गैस सिलेंडर थे। इन सिलेंडर तक आग पहुंचने से पहले ही काबू कर लिया गया। अगर इनमें आग लगती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। एक साथ पंद्रह सिलेंडर आग के हवाले होते तो आसपास के घरों तक में नुकसान हो सकता था। सभी सिलेंडर कॉमर्शियल श्रेणी के थे, जिन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय छत पर रख दिया गया। सवाल ये है कि इतने सारे सिलेंडर एक साथ रेस्टोरेंट संचालक को कैसे मिल गए?

बंद कमरों को लातें मारकर तोड़ा गया, ताकि अंदर तक की आग को बुझा सके।

बंद कमरों को लातें मारकर तोड़ा गया, ताकि अंदर तक की आग को बुझा सके।

जोधपुर में हो चुका बड़ा हादसा

इससे पहले जोधपुर के एक गांव में सिलेंडर फटने से करीब तीस लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी पुलिस और प्रशासन गैस सिलेंडर का अनुचित प्रयोग कर रहे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। पिछले दिनों कुछ स्थानों पर औपचारिक कार्रवाई की गई।

तीन मंजिला दुकान, सबसे ऊपर लगी आग

इस बिल्डिंग में तीन मंजिल है और तीनों में अलग अलग दुकानें है। इन दुकानों तक आग नहीं पहुंची। नीचे की दुकानों में रसोई का सामान, क्रॉकरी आदि सामान है। शुक्र रहा कि यहां तक आग नहीं पहुंची। हवा भी तेज नहीं थी, इसलिए आग ज्यादा नहीं फैल सकी। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी है।