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युवाओं को जैविक खेती से जोड़ेगा कृषि विभाग, मंत्री ने दिए निर्देश

जयपुर। कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने निर्देश दिए कि जैविक खेती के क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार में अधिक से अधिक प्रगतिशील और युवा किसानों को शामिल किया जाए जिससे उनको कृषि ज्ञान तो मिलेगा ही वह अपना व्यवहारिक ज्ञान भी अधिकारियों के साथ साझा कर सकेंगे। कटारिया ने यह निर्देश बुधवार को राज्य कृृषि बजट की समीक्षा बैठक में दिए।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के खेतों में बिछायी जाने वाली पाइप लाईनों की क्वॉलिटी उच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों के खेतों में बनने वाले फार्म पौण्ड पर सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की जाए। इसके लिए हर पौण्ड पर मजबूत रस्सी या चेन दो.तीन स्थानों पर लगाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के किसान जल संरक्षण को लेकर काफी जागरुक हो गए है और फॉर्म पौंड में विशेष रुचि ले रहे हैं।
समीक्षा बैठक में लालचंद कटारिया ने कहा कि विभाग की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानो के खेतों में ही हो तो इसका ज्यादा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में हो रहे कृृषि के उत्तम नवाचारों के अध्ययन के लिए कृृषि अधिकारियों को वहां भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि भूमिहीन किसानों के लिए अनुदानित हस्तचलित कृृषि यंत्रों को जीएसएस में रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को मिलने वाले बीज और खाद की व्यवस्था उत्तम होनी चाहिए। यूरिया और डीएपी का आवश्यक स्टॉक बनाए रखना सुनिश्चित किया जाए।
डीएपी यूरिया का र्प्याप्त स्टॉक- प्रमुख शासन सचिव
समीक्षा बैठक में कृृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि राज्य में डीएपी, यूरिया और एसएसपी फर्टिलाइजर का स्टॉक प्रचुर मात्रा में है। राज्य में बुआई की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 164.17 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल के लक्ष्य के विपरित अब तक 66.05 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में बुआई हो चुकी है। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि कृृषि बजट से सम्बन्धित 9 विभागों की योजनाओं की जानकारी सभी जिला मुख्यालयों पर आमुखीकरण कार्यशालाओं के आयोजन में सांसदों, विधायकों, जिला प्रमुखों व प्रगतिशील कृृषकों को दी गई। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर भी कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है जिसमें जन प्रतिनिधियों के साथ काश्तकार भी हिस्सा ले रहे हैं।
कृषि आयुक्त कानाराम ने खरीफ पूर्व तैयारी की स्थितिए बजट घोषणाओं का संक्षिप्त विवरण, कृृषि बजट वर्ष 2022-23 की प्रगति तथा बजट वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 की घोषणाओं की जानकारी दी।
उद्यान विभाग के आयुक्त चेतन देवड़ा ने बताया कि 15 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में फलों के बगीचों की स्थापना का लक्ष्य है। वर्ष 2022-23 में 7 हजार 500 हैक्टेयर क्षेत्रफल में फलों के बगीचों की स्थापना की जाएगी जिसके लिए वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त हो गई है।