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युवती का शव लेकर धरने पर बैठे लोग:सिलेंडर ब्लास्ट में हुई थी मौत, आज बड़े प्रदर्शन की तैयारी

बीकानेर. बीकानेर के बज्जू में सिलेंडर लीक हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीण जोधपुर सिलेंडर हादसे की तरह सहायता पैकेज की मांग कर रहे हैं। इस हादसे में कविता नामक सत्रह वर्षीय युवती की मौत के बाद मंगलवार रात से बज्जू एसडीएम कार्यालय के आगे विरोध प्रदर्शन हुआ, जो बुधवार सुबह तक जारी रहा। आज दोपहर ग्रामीण शव के साथ बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। यहां एसडीएम कार्यालय के आगे ग्यारह बजे बाद भारी संख्या में ग्रामीण पहुंच रहे हैं।

कंपकंपाने वाली सर्दी के बावजूद बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग कविता का शव लेकर एसडीएम कार्यालय के आगे जमा हो गए। यहां पुलिस अधिकारी समझाइश कराने पहुंचे लेकिन ग्रामीणों ने एक नहीं सुनी। उनका आरोप है कि जब तक जोधपुर सिलेंडर कांड की तरह पैकेज जारी नहीं किया जाएगा, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। कविता का अंतिम संस्कार भी नहीं किया जाएगा। उधर, पुलिस ने इस प्रदर्शन से निपटने के लिए अतिरिक्त जाब्ता बुला लिया है। एसडीएम कार्यालय के पास पुलिस बल भी पहुंच रहा है।

क्या है घटनाक्रम

बीकानेर के बज्जू में 12 जनवरी की रात सिलेंडर लीक हादसे में एक महिला की मौत हो गई जबकि आठ अन्य घायल हो गई। इन आठ घायलों में दो की और मौत हो गई। ऐसे अब तक शांति देवी, सोहनी देवी और कविता की मौत हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय राजनेताओं ने इन घायलों की कोई मदद नहीं की। यहां तक प्रशासन भी मौके पर नहीं पहुंचा। किसी तरह की आर्थिक मदद भी नहीं दी गई। जिन लोगों को जयपुर रैफर किया गया था, उनके इलाज में भी सरकारी सहयोग नहीं मिला।

मृत्यु के बाद कार्यक्रम था

तेरह जनवरी को मोसर कार्यक्रम होना था। इस दौरान गुरुवार रात साढ़े नौ बजे को एक कच्चे छप्पर में महिलाएं खाना बना रही थी। इस दौरान गैस सिलेंडर में रिसाव हो गया। फिर छपरे में आग लग गई। आग इतनी जल्दी बढ़ी कि वहां बैठी अधिकांश महिलाएं चपेट में आ गई। छप्पर में खाना बना रही सात महिलाओं के साथ् एक पुरुष भी आग की चपेट में गया। इस आगजनी में बुजुर्ग महिला शांति पत्नी हड़मानाराम बिश्नोई उम्र 62 वर्ष की मौत हो गई।

ये हुए थे घायल

इस हादसे में गोडू के चक नौ जीएमआर के रहने वाले कविता (17) , सोहनी (62) (अब दोनों की मौत), मनीषा (14), द्रोपदी (40) शांति (40), गुड्डी (35), रामनिवास (40) घायल हुए हैं। ये सभी एक ही परिवार के हैं और आसपास ही रहते हैं। मृत्यु के बाद होने वाले भोज में शामिल होने के लिए परिवार के लोग एकत्र हुए थे।