Saturday, December 3निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत शादी POCSO से बाहर नहीं:केरल हाईकोर्ट का फैसला; नाबालिग से संबंध बनाना अपराध

तिरुवनंतपुरम. केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि पर्सनल लॉ के तहत मुस्लिमों के बीच हुई शादी पॉक्सो एक्ट के दायरे से बाहर नहीं है। यानी पति अगर नाबालिग पत्नी के साथ संबंध बनाता है, तो उस पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया जा सकता है। जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने कहा कि पर्सनल लॉ में विवाह वैध होने के बावजूद यदि एक पक्ष नाबालिग है, तो इसे POCSO के तहत अपराध माना जाएगा।

पंजाब-हरियाणा और दिल्ली HC के फैसले से सहमत नहीं
जस्टिस थॉमस ने कहा कि वे पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के दृष्टिकोण से सहमत नहीं। जिसमें कोर्ट ने एक मुस्लिम लड़की जो 15 साल की हो चुकी है, उसे अपनी पसंद से शादी करने का अधिकार दिया था, और पति के नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने पर POCSO के तहत केस दर्ज करने से छूट दी गई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि वे मोहम्मडन लॉ के तहत 17 साल की लड़की से शादी करने वाले मो. वसीम अहमद के केस में दिए गए कर्नाटक HC के फैसले से भी सहमत नहीं, जिसमें आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामले को खारिज कर दिया था।