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मनरेगा मजदूरों व मेटों ने किया जिला परिषद कार्यालय का घेराव

  • मनरेगा काम लगातार जारी रखने व मेटों का अटका हुआ भुगतान करने की मांग
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    मनरेगा काम लगातार जारी रखने व लम्बे समय से मेटों का अटका हुआ भुगतान करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर मनरेगा मजदूरों व मेटों ने गुरुवार को पूर्व घोषणानुसार अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के बैनर तले जिला परिषद कार्यालय का घेराव किया। घेराव-प्रदर्शन में महिला मजदूरों की संख्या अधिक थी। मांगों के संबंध में जिला परिषद सीईओ को ज्ञापन सौंप वार्ता की गई। घेराव-प्रदर्शन से पहले यूनियन की ओर से जंक्शन की धानमंडी में सभा का आयोजन किया गया। सभा के पश्चात मनरेगा मजदूर व मेट रैली के रूप में जिला परिषद कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। घेराव-प्रदर्शन के दृष्टिगत जिला परिषद कार्यालय में पुरुष व महिला पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। मनरेगा मजदूरों व मेटों ने कार्यालय में घुसने का प्रयास किया तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें गेट पर रोक लिया। इस पर प्रदर्शनकारी गेट के पास ही धरना देकर बैठ गए और सभा की। सभा को रामेश्वर वर्मा, रघुवीर सिंह वर्मा, जगजीत सिंह जग्गी, सरपंच बलदेव सिंह, चन्द्रकला वर्मा आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि 1 अप्रेल से गांवों में मनरेगा का कार्य शुरू होना था। लेकिन कई गांवों में ढाई माह से अधिक समय बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। इस कारण इन गांवों के मनरेगा मजदूर बेरोजगार बैठे हैं। मनरेगा मेटों का 18-18 माह का भुगतान बकाया है। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा मजदूर को प्रतिदिन 231 रुपए मजदूरी दिया जाना तय है लेकिन आज तक किसी मजदूर को तय मजदूरी नहीं मिली। इसके पीछे टास्क पूरा न होने का बहाना बनाया जाता है। टास्क पूरा करने के बावजूद मजदूरी कम मिल रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र परिवारों के मकान तो तुड़वा दिए गए लेकिन उन्हें एक-एक किश्त का भुगतान किया गया है। दूसरी किश्त का भुगतान न होने से निर्माण कार्य अधर में है। बावजूद इसके प्रशासन गहरी नींद में सो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को नींद से जगाने के लिए आज मजदूर जिला परिषद कार्यालय पर एकत्रित हुआ है। अगर बंद पड़ा मनरेगा कार्य शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। सभा के बाद यूनियन पदाधिकारियों व मजदूरों-मेटों ने सीईओ अशोक असीजा को ज्ञापन सौंप मनरेगा मजदूरों का काम लगातार जारी रखने, 200 दिन काम व 600 रुपए मजदूरी देने, लंबे समय से रुका हुआ मेटों का भुगतान करने, टास्क निकालने पर मजदूरों को कार्यस्थल छोड़ने की अनुमति देने, आॅफ लाइन हाजरी व्यवस्था शुरू करने, कार्यस्थल पर दवाई, टैंट, पेयजल, कस्सी, बट्ठल आदि की व्यवस्था करने, मेटों को स्थाई करने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बकाया राशि का भुगतान शीघ्र करने आदि की मांग की। वार्ता में कुछ मांगों पर सहमति बनने पर मनरेगा मजदूरों व मेटों ने घेराव समाप्त किया।