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भाखड़ा प्रणाली की नहरों का रेगुलेशन तय

  • 6 दिसम्बर से 14 दिसम्बर तक रहेगा प्रभावी
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    जल संसाधन भाखड़ा-सिद्धमुख रेगुलेशन खण्ड की ओर से भाखड़ा प्रणाली की नहरों का साप्ताहिक वरीयताक्रम जारी किया गया है। यह वरीयताक्रम 6 दिसम्बर से 14 दिसम्बर तक प्रभावी रहेगा। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मोरजण्डा (एमजेडी) नहर में 263 क्यूसेक, रतनपुरा (आरटीपी) में 275, नाथवाना (एनटीडब्ल्यू) में 306, प्रतापपुरा (पीटीपी) में 481, हरिपुरा (एचआरपी) में 494, दीनगढ़ (डीएनजी) में 507, सूरतपुरा (एसटीपी) में 576, मोडिया (एमओडी) में 721, लोंगवाला (एलजीडब्ल्यू) में 866, पीलीबंगा (पीबीएन) 1081, अमरपुरा (एएमपी) में 1176, रोड़ांवाली (आरआरडब्ल्यू) में 1189, नवां-सतीपुरा (एनडब्ल्यूएन) में 1200, संगरिया (एसएनजी) में 1206, भगतपुरा (बीजीपी) में 1244, सूरतगढ़ (एसटीजी) में 1364, नगराना (एनजीडी) में 1372, लीलांवाली (एलएलडब्ल्यू) में 1612, भाखरांवाली (बीकेडब्ल्यू) में 1617, करनीसिंह (केएसडी) में 1947, मम्मड़खेड़ा (एमएमके) में 2142 व जोड़कियां (जेआरके) नहर में 2222 क्यूसेक पानी प्रवाहित होगा। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक नहर आठ दिन पूरी चलाने के बाद बंद कर दी जाएगी। नहरों में पानी के उतार-चढ़ाव को देखते हुए अगर किसी नहर के रेगुलेशन में बदलाव करना पड़ा तो भाखड़ा सिद्धमुख रेगुलेशन खंड व जल संसाधन खंड प्रथम/द्वितीय के अधिशाषी अभियंता से विचार-विमर्श के बाद व्यवस्था की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक वास्तविक पानी संबंधित अधिशाषी अभियन्ता की मांग अनुसार चलाया जा रहा है, यह कभी भी कम किया जा सकता है।