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ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, मृतक का सगा भाई ही निकला आरोपित

  • मृतक का आचरण व संपत्ति के लालच में की वारदात
    श्रीगंगानगर(सीमा संदेश)।
    जिले के रायसिंहनगर इलाके में युवक के ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस ने सगे भाई को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया था। एसपी आनंद शर्मा के अनुसार रायसिंहनगर पुलिस थाना क्षेत्र के गांव 58 एनपी निवासी धर्मपाल पुत्र हंसराज मेघवाल ने तीन नवंबर को रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसमें बताया कि परिवादी का छोटा भाई अशोक कुमार पिछले 2-3 दिनों से घर पर नहीं था। इस बीच दो नवंबर सुबह करीब 9:00 बजे गांव के सतीश कुमार मेघवाल का फोन आया और उसने बताया कि 55-56 एनपी मोड पर उमेश पड़ा है। उसके चोट लगी है। परिवादी सुनील कोटवाल के साथ मौके पर गया और देखा कि उमेश 56 एनपी में रोड के किनारे मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। शव के पास ही उसका मोबाइल फोन भी टूटा हुआ मिला। मामले में गंभीरता दिखाते हुए पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विशेष टीमें गठित की और अनुसंधान शुरु कर दिया।
    हत्या कर पुलिस को करता रहा गुमराह
    मृतक उमेश के भाई धर्मपाल ने शातिर तरीके से भाई की हत्या कर अपने इस कृत्य को छुपाने का प्रयास किया। आरोपित ने स्वयं ही परिवादी बनकर मृतक की तथाकथित महिला मित्र व उनके परिजनों पर हत्या के आरोप लगाते हुए प्रकरण दर्ज करवाया। आरोपित ने अनुसंधान की दिशा भटकाने के लिए झूठी और मनगढंत कहानी रची। अनुसंधान के दौरान प्रकरण में नामजद आरोपितों की उपस्थिति घटना के समय घटना स्थल व उसके आसपास नहीं पाई गई। धर्मपाल का आचरण संदिग्ध लगने पर वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान किया और उसे संदिग्ध मानते हुए पूछताछ की। इस दौरान आरोपित ने अपने सगे भाई की हत्या करना स्वीकार कर लिया।
    पुलिस की तीन टीमों को मिली सफलता
    उक्त ब्लाइंड मर्डर के खुलासे के लिए रायसिंहनगर एडिशनल एसपी बनवारी लाल मीणा और डीवाईएसपी अन्नु बिश्नोई के सुपरविजन में तीन टीमें गठित की गई। प्रथम टीम में रायसिंहनगर एसएचओ गणेश बिश्नोई, हवलदार दलीप, सिपाही विनोद, सुरजभान, बलकरण, भोलाराम, साईबर सैल के सिपाही मंगत राम और दूसरी टीम में मुकलावा एसएचओ प्रहलाद शर्मा, हवलदार विजय व सिपाही रवींद्र शामिल रहे। इसके अलावा तीसरी टीम में शामिल हवलदार विजय कुमार, सिपाही बलकरण, द्वारा आरोपित को ट्रेस करने में विशेष सहयोग रहा।