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बैंक PO का एग्जाम देने आई कोमल मावठा घूमने गईं तो वापस नहीं लौटीं, परिजनों ने फोन लगाए, एंबुलेंस ड्राइवर ने बताया- आपकी बेटी SMS में है

जयपुर

जयपुर के आमेर किले के सामने रविवार को हुए हादसे में 11 लोगों की जान चली गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए। घटना इतनी दर्दनाक थी कि हर किसी की सुनते ही रूह कांप उठी। एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पर लोग अपनों का सुध लेने पहुंचते रहे। हादसे में घायल हुए लोगों और उनके परिजनों से बातचीत में खुलासा हुआ कि कोई यहां घूमने आया था तो कोई कॅरियर को परवान चढ़ाने। इन्ही में से एक है सवाई माधोपुर की कोमल चंदेल।

22 साल की कोमल ने 2 साल पहले ही जयपुर से बीटेक किया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में प्रोबेशनरी ऑफिसर पद की तैयारी कर रही है। एसबीआई का एग्जाम देने के लिए रविवार को कोमल अकेली सवाई माधोपुर से जयपुर अपनी नानी के आमेर स्थित घर पहुंची। शाम को अचानक मौसम अच्छा हुआ तो फोटोग्राफी करने और मावठा घूमने की जिद करके वह घर से निकल गई। हालांकि मामी से भी चलने के लिए कहा तो मामी ने खाना बनाने में व्यस्त होने की बात कहकर मना कर दिया।

अस्पताल में भर्ती बेटी को संभालने पहुंची मां

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अकेली गई तो फिर वापस घर नहीं आई
कोमल अकेली ही आमेर मावठे के आस-पास घूमने चली गई। करीब 6 बजे गई कोमल शाम 7 बजे तक घर नहीं लौटी। मामा-मामी और नानी की चिंता बढ़ गई। फोन किया तो फोन रिसीव नहीं हुआ। फिर मामा ने सवाई माधोपुर बहन (कोमल की मम्मी) को फोन लगाया। कहा- कोमल हमारा फोन नहीं उठा रही। तुम कॉल करके पूछो कहां है? एक घंटा हो गया अब तक घर नहीं आई। उधर से कोमल की मां ने बताया कि मेरा भी फोन नहीं उठा रही। करीब डेढ़ घंटे के दरमियान 50 से ज्यादा फोन कर दिए। देर रात करीब साढ़े 10 बजे एंबुलेंस के ड्राइवर ने फोन उठाकर कहा कि लड़की एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा में बेहोश है। आप आकर संभाल लें।

जयपुर नगर निगम हैरिटेज की मेयर मुनेश गुर्जर ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना।

जयपुर नगर निगम हैरिटेज की मेयर मुनेश गुर्जर ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना।

सुबह 12 बजे तक नहीं आया होश
कोमल की मां ने बताया कि सूचना के बाद मामा यहां पहुंचे और उन्होंने संभाला। जब से यहां अस्पताल में आई हैं, तब से अब तक एक बार थोड़ा सा होश में आई और 2-3 मिनट बाद ही वापस सो गई। डॉक्टरों ने कहा कि चिंता की बात नहीं है। जल्द ही रिकवर हो जाएगी। मां ने बताया कि कोमल के पिता को जब घटना का पता चला तो उनका बीपी हाई हो गया। उनकी भी तबीयत बिगड़ गई। जैसे-तैसे करके उन्हें संभाला और मैं खुद अकेली सवाई माधोपुर से यहां पहुंची। कोमल का छोटा भाई जयपुर में रहता है और दिल्ली रोड स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक कर रहा है।

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